ऑक्सीजन पर विपक्ष का आचरण “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” वाला

बिना किसी सबूत के विपक्ष बस ट्वीट करता है। सरकार को घेरता है। बस मुद्दे या तो जनता से दूर होते हैं या फिर झूठ पर आधारित होते हैं। ये बात अलग है कि सोशल मीडिया में उनके दरबारी पत्रकार बिना किसी फैक्ट चैक के हल्ला मचाना शुरू कर देते हैं। कुछ यही हाल राज्यसभा में स्वास्थ मंत्री के कोरोना पर दिये भाषण में भी देखा गया जब उन्होंने बोला कुछ और हल्ला कुछ और बात पर मचने लगा।

फिर एक बार विपक्ष की कलई खुली

राज्यसभा में स्वास्थ्य मंत्री ने जैसे ही आंकडे पेश करते हुए बोला कि किसी भी राज्य ने ऑक्सीजन की कमी के चलते लोगों की मौता का आंकड़ा नही दिया है। बस फिर क्या था विपक्ष सरकार को घेरने लगी हल्ला मचाने लगी कि सरकार संवेदनहीन बयान देती है। जबकि मंत्री महोदय के बयान को लेकर भ्रम पैदा किया जो लगातार विपक्ष कर रही है। जबकि सच्चाई ये है कि स्वास्थ्य मुख्यतः राज्य का मुद्दा है। कोरोना के आँकड़ों पर संक्रमितों की संख्या, रिकवर होने वालों की संख्या, मृतकों की संख्या या सब डेटा राज्य जुटा रहे हैं। राज्यों द्वारा ये आँकड़े केंद्र को भेजे जा रहे थे, जिन्हें सरकारी वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है। ऐसे में साफ है कि जो आंकड़े राज्यों ने केंद्र सरकार को दिये उसे ही राज्यसभा में सबके सामने रखा गया लेकिन मुद्दो के आभाव में घूम रहा विपक्ष एक बार फिर से भ्रम फैलाकर सरकार की छवि खराब करने में लग गया। हालांकि वो इस काम में सफल नहीं हो पाया है।

कोरोना काल के वक्त भी दवाई और ऑक्सीजन का फैलाया था भ्रम

ऑक्सीजन के सवाल पर जिस तरह से झूठ विपक्ष फैला रहा है ठीक ऐसा ही कोरोना की दूसरी लहर के वक्त भी देखने को मिला था जब लोगों के बीच ऑक्सीजन और दवाई को लेकर पैनिक किया गया और इस बात की सच्चाई टूलकिट के खुलासे के बाद हो गई कि कैसे देश में मोदी विरोध के लिये झूठ का दामन पकड़ा गया। हालांकि उस वक्त भी सरकार ने एक कदम आगे बढ़ते हुए स्थिति को संभाला और हर राज्य तक ऑक्सीजन से लेकर दवाई तक पहुंचाया। हालांकि खुद कोर्ट ने भी इस बात को माना लेकिन इसके बावजूद भी भ्रम का एक माहौल पेश किया गया। जिसमें विदेशी मीडिया का भी साथ मिला। जबकि अब हर बात से धीरे धीरे परतें खुल रही हैं।

 

मजे की बात ये है कि विपक्ष जिन राज्यों में सत्ता में है वहां कोरोना से लड़ने में लगातार विफल हो रहा है। लेकिन आरोप सिर्फ मोदी जी पर लगा रहा है अपनी जिम्मेदारी या जवाबदेही से पीछे हट रहा है लेकिन हल्ला मचा मचा कर झूठ जरूर बोल रहा है। ये चीजें आगे भी जारी रहेंगी और आरोप लगाने के लिए तोड़-मरोड़ का काम होता रहेगा क्योंकि असल में विपक्ष आज जनता से दूर है जमीन से नही जुड़ा हुआ है। वो तो बस एसी कमरे से ट्वीट करके एक भ्रम फैलाकर जनता को परेशान कर रहा है।