कश्मीर में अलगाववाद का चैप्टर खत्म, विकास का चैप्टर शुरू

धारा 370 खत्म होने के बाद आज अगर हम ये कहें कि कश्मीर आज पूरी तरह से बदल गया है तो गलत न होगा, अलगाववाद अब बस वहां एक खौफनाक ख्वाब बन कर रह गया है जिसे शायद ही कोई अब महसूस करता होगा। क्योंकि धारा 370 हटने के बाद कश्मीर एक नये कलेवर में दिख रहा है। जो हर दिन विकास की नई गाथा लिख रहा है और आने वाली पीढ़ी को बुरे दिन की यादे भी मिटाने में लगा है।

 

घाटी से अलगाववाद का चैप्टर खत्म

कश्मीर में अलगाववाद का चैप्टर खत्म हो चुका है और राष्ट्रवाद का चैप्टर जुड़ चुका है। इसलिए अब स्कूली किताबों में भी अलगाववाद की शिक्षा की कोई जगह नहीं बची है। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग यानी NCERT की किताब से भी अलगाववाद का जिक्र करने वाले हिस्से हटा दिए गए हैं और इसकी जगह पर अब अनुच्छेद 370 को हटाने वाले राष्ट्रवादी फैसले को शामिल किया गया है। NCERT ने 12वीं कक्षा की राजनीतिक विज्ञान की किताब में कुछ महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं और इसमें जम्मू-कश्मीर की अलगाववादी राजनीति का जिक्र हटा दिया है। इस किताब में क्षेत्रीय आकांक्षाएं नाम से जो चैप्टर है, उसमें जम्मू-कश्मीर के बारे में बताते हुए, पहली बार अनुच्छेद 370 को हटाने वाले फैसले की बात लिखी गई है। संशोधित किताब में ये कहा गया कि जम्मू-कश्मीर और लद्धाख, भारत में विविधता वाले समाज के उदाहरण हैं। इसी विविधता के आधार पर यहां पर राजनीति और विकास की अलग-अलग इच्छाएं हैं, जिन इच्छाओं को अनुच्छेद 370 हटाकर पूरा किए जाने की कोशिश है। ये तो जम्मू कश्मीर में राष्ट्रवाद की नई शिक्षा की बात है, लेकिन ये जानकर भी हैरानी हुई कि पहले यहां बच्चो को अलगावाद की पढ़ाई करवाई जा रही थी जो बेहद शर्म की बात थी। लेकिन अब ऐसा नही है। अब सिर्फ राष्ट्रवाद का ही परचम घाटी में लगरायेगा।

आजादी के बाद पहली बार लाइट से चमका गांव

दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के दुननाडी गांव में रहने वाले लोग आज सबसे ज्यादा खुश हैं क्योंकि आजादी के करीब 70 सालों बाद इनके गांव में पहली बार लाइट आई है। लोगों की ये खुशी किसी त्योहार से कम नहीं है। बिजली विभाग और जिला प्रशासन की अनेकों प्रयासों के बाद आज इनके घरों में रोशनी हुई है। सबसे बड़ी बात ये है कि जहां बिजली 70 साल से नही पहुंची वहां मोदी सरकार के चलते महज एक हफ्ते में बिजली पहुंचाई गई है। अब लगता है कि हमारे घरों की तरह ही बच्चों के भविष्य में भी रोशनी हो जाएगा बता दें कि इन गांवों में बिजली प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना के तहत पहुंचाई गई है। इस इलाके में विभाग ने पांच बड़े ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। केंद्र सरकार के आदेशों के बाद बिजली विभाग ने ये कार्य सिर्फ 7 दिनों में ही पूरा कर दिया है और आज इलाके के हर घर में बिजली पहुंच गई है। विभाग के अधिकारी का कहना है कि इन दूर दराज इलाकों में बिजली नहीं थी और हमने फास्ट ट्रैक काम कराकर इन गावों में बिजली की तारें बिछा दी हैं।

कुल मिलाकर एक तरफ जहां फौज घाटी में अमन के दुश्मनों को नरक पहुंचाने में लगे हैं तो दूसरी तरफ सरकार घाटी में विकास की ऐसी धारा बहा रही है जिससे यहां रहने वालो का जीवन अब बदल सा गया है।