केंद्र का ऐलान MBBS फाइनल ईयर के छात्र कोरोना डयूटी में लगाए जाएंगे

देश में कोरोना की दूसरी लहर ने हाहाकार  को थामने के लिये मोदी सरकार रात दिन लगी हुई है। सरकार लगातार मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी से निपटने में जुटी हुई है। इसके बाद देश को डॉक्टरों और नर्सों की कमी से झूझना ना पड़े इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेडिकल चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। NEET-PG परीक्षा को कम से कम 4 महीने के लिए स्थगित किया गया है । साथ ही कोविड कर्तव्यों के 100 दिनों को पूरा करने वाले चिकित्सा कर्मियों को नियमित सरकारी भर्तियों में प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकारी भर्तियों में मिलेगी प्राथमिकता

पीएम मोदी ने फैसला लिया है कि कोविड कर्तव्यों के 100 दिनों को पूरा करने वाले चिकित्सा कर्मियों को प्रधानमंत्री के प्रतिष्ठित कोविड राष्ट्रीय सेवा सम्मान दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें सरकारी भर्तियों में प्राथमिकता दी जाएगी। बीते दिनों कार्डियक सर्जन डॉ. देवी शेट्टी का डराने वाला बयान सामने आया था। उन्होंने कहा की ऑक्सीजन की कमी के बाद अगला बड़ा संकट डॉक्टरों और नर्सों की कमी होगा। उनका कहना है कि मई में कोरोना काफी ज्यादा बढ़ सकता है। ऐसे में कोरोना मरीजों के लिए डॉक्टरों और नर्सों का मिलना मुश्किल हो जाएगा। इस संकट को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी ने ये फैसला लिया है। इसके आलावा BSc/GNM नर्सों का इस्तेमाल वरिष्ठ डॉक्टरों और नर्सों के सुपरविजन में फुल टाइम कोरोना नर्सिंग में किया जा जायेगा।जिन मेडिकल स्टूडेंट्स को ड्यूटी पर लगाया जाएगा उनका प्रॉपर तरीके से वैक्सीनेशन किया जाएगा. इसके अलावा कोरोना में लगे हेल्थ वर्कर्स की तरह वे भी केंद्र की बीमा स्कीम में कवर होंगे। सभी प्रोफेशनल जो कोरोना के खिलाफ 100 दिन की ड्यूटी के लिए तैयार होंगे, और इसे पूरा करेंगे, उन्हें भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री का प्रतिष्ठित कोरोना राष्ट्रीय सेवा सम्मान भी दिया जाएगा।

 

कोविड से निपटने के लिए हर दिन मोदी सरकार उठा रही ठोस कदम

राज्य सरकारों के हाथ खड़ा करने के बाद से ही मोदी सरकार कोरोना के खिलाफ लागातर एक्शन में दिख रही है। पहले देश में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिये जल, थल और नभ की मदद लेकर देश के हालात सुधारने में केंद्र जुट गया था।   इसी के चलते अब कोविड वर्करो की कमी न हो इसके लिये पहले से फैसला ले लिया गया है तो दूसरी तरफ उनकी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान सरकार रख रही है।

कोरोना को मात देने के लिये ऐसी तैयारी केंद्र की तरफ से आज से नही साल भर पहले से चल रही थी लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही ने माहौल खराब करके रख के रख दिया जिसके बाद अब इसपर काबू पाने के लिये मोदी सरकार युध्द स्तर पर जुट चुकी है।