आजाद भारत में पहली बार बल्ब जला, और आँखें खुशी में नम हो गई

पिछले 5 सालो में जब से मोदी सरकार ने सत्ता में आई है तब भारत तेजी के साथ विकास के पथ पर निकल चुका है और इसके पीछे की वजह ये है कि नमो सरकार विकास कामो को लेकर न अटकते है, न भटकते है तभी आजादी के बाद मोदी जी भगीरथ की तरह विकास की गंगा वहां वहां पहुंच रहे हैं जहां 70 साल से लोग विकास का इंतजार कर रहे थे। चलिये ऐसे ही कई कार्यो का जिक्र आज हम करते है

आजादी के बाद पहली बार पहुंची डोडा के पहाडी गांव में बिजली, बल्ब जलता देख आंखों से छलक उठे आंसू

जम्मू के डोडा के पहाड़ी गांव में जैसे ही बिजली का बल्ब जला वैसे ही गांव के लोगों की आँखें नम हो गई। ये नम आंखे खुशी के चलते हुई क्योकि आजादी के बाद पहली बार उन्होने अपने गांव में बल्ब जलता हुआ देखा था। गांवो वालों ने बोला कि बल्ब की इस रोशनी के साथ ही दशकों से उनके जीवन में फैला अंधकार भी आज समाप्त हो गया। वहीं गांव के एक अन्य निवासी करीम दीन ने कहा कि अब उनके बच्चों का भविष्य भी बेहतर होगा। उन्हें अपने परिवारों से दूर रहकर पढ़ना नहीं पड़ेगा। बिजली पहुंच गई है तो अन्य सुविधाएं भी जल्द उन तक पहुंच जाएंगी। बिजली न होने की वजह से उन्हें ऐसा लगता था कि वह किसी अलग ही दुनिया में रहते हैं।

70 साल बाद जौनपुर का एक इलाके में जली लाइट, लालटेन युग से मिली मुक्ति

डोडा की तरह ही तमाम विकास के दावों और वादों के बीच आजादी के 70 साल बाद मडिय़ाहूं तहसील के काजीपुर दलित बस्ती में एक सप्ताह पूर्व बिजली पहुंची। पहली बार गांव में बिजली आने से गांव वासियों में जश्न का माहौल है। यहां रहने वालो का दावा है कि आजादी के बाद वायदे तो बहुत लोगो ने किये लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद ही आज उनका गांव जगमगा रहा है तो दूसरी तरफ लोगों के चेहर में आत्मविश्वास से भरी खुशी की झलक दिख रहा है।

72 वर्षो बाद पहुंची बिजली तो झूम उठे लोग

चैनपुर प्रखंड मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर सलतुआ पंचायत के थम्हवा गांव में आजादी के बाद पहली बार बिजली पहुंचने से ग्रामीणों झूम उठे। गांव में एक साथ 25 केवीए के 5 ट्रांसफार्मर लगाए गए। इसके साथ ही दिन में ही गांव बिजली से जगमगा उठा। आजादी के 72 वर्षों से ज्यादा बीत जाने के बाद भी गांव में बिजली नहीं पहुंच पाई थी। करीब 300 की आबादी वाले इस गांव में बिजली पहुंचना ग्रामीणों के लिए बड़ी सौगात के समान थी।

73 साल बाद इस गांव में पहली बार पहुंची बिजली, लोगों ने मनाई दिवाली

गांव नवी तलाई में रहने वाले लोग पहले अमरावती जिले के मेलघाट बाघ परियोजना के मुख्य क्षेत्र में रहते थे, वहां पर भी बिजली नहीं थी। साल 2018 में उन्हें वहां से स्थानांतरित करके नवी तलाई में बसाया गया।

70 सालों से अटका काम 7 दिनों में हुआ पूरा, PM के आदेश पर गांव में पहली बार आई बिजली

दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के दुननाडी गांव में रहने वाले लोग आज सबसे ज्यादा खुश हैं क्योंकि आजादी के करीब 70 सालों बाद इनके गांव में पहली बार लाइट आई है। लोगों की ये खुशी किसी त्योहार से कम नहीं है। बिजली विभाग और जिला प्रशासन की अनेकों प्रयासों के बाद आज इनके घरों में रोशनी हुई है तो गांव वालों ने घरो को ऐसा सजाया कि मानो जैसे गांव में दिवाली मनाई जा रही हो

राजौरी के 20 हजार घरों में आजादी के बाद पहली बार पहुंची बिजली

कश्मीर में तो धारा 370 हटने के बाद विकास की गंगा कुछ यू बह रही है कि कश्मीरियों को यकीन नही हो रहा है। तभी जब राजौरी जिले के दूर-दराज के गांवों के लगभग 20,300 घरों को आजादी के बाद पहली बार बिजली की रोशनी नसीब हुई जिसका शब्दो में बया नही कियया जा सकता है।सीमा के पास वाले इलाके आजादी के बाद से ही बिजली आपूर्ति से वंचित थे। यहां रहने वाले लोग सौभाज्य विद्युत योजना के तहत मिले बिजली कनेक्‍शन से बेहद खुश हैं।

पटना के इस गांव में आजादी के 70 वर्ष बाद पहुंची बिजली

पटना जिला के पालीगंज स्थित ब्रह्मपुर और बेलदारी बिगहा में रविवार को लालटेन युग का अंत हुआ। आजादी के 70 वर्षों के बाद इस गांव में बिजली पहुंची। गांव की 70 वर्षीया मुंगेश्वरी देवी से ट्रांसफॉर्मर का हैंडल उठवाकर बिजली को चालू किया गया। उनका कहना था कि बिजली आने से अब उनके कगांव में भी विकास की शुरूआत हो गई है। गांव में बिजली आने से लोग खुश हैं।

70 साल बाद रोशन हुई एलीफेंटा की गुफाएं

आप ये तो अच्छी तरह से जानते है कि एलीफेंटा की गुफाओं को घूमने देश ही नही विदेश के लोग भी आते है लेकिन जब वो इस इलाके में घूमते और उन्हे पता चलता है कि इस इलाके में बिजली ही नही है तो भारत की छवि उनके दिल में क्या मनती होगी। लेकिन अब ऐसा नही क्योकि एलीफेटा भी अब बिजली से गुलजार हो गया है और ये सब मोदी सरकार के विकास के संकल्प के कारण हुआ है।

यूपी की राजधानी के पास स्थिति मोहनलालगंज के 2 गांव में आजादी के बाद पहुंची बिजली

लखनऊ से कुछ किलोमीटर दूर मोहनलालगंज इलाके के 2 गांव में बिजली की रह देख रहे लोगो को 70 साल का इंतजार करना पड़ा क्योकि जब सत्ता में नमो सरकार आई तब जाकर उनकी तरसती आंखो का सपना सच हुआ क्योकि उनका गांव भी बिजली की रौशनी से नहा रहा था जो ये बता रहा था कि विकास इसी कहते है।

आजादी के बाद पहली बार गुजरात का शियाल बेट द्वीप बिजली से हुआ रौनक

आजादी के बाद से 18 हजार वाले गुजरात के शियाल बेटा द्वीप पर बिजली न होने के चलते लोग विकास से महरूम थे कई लोग आये औऱ बिजली का वादा तो कर गये लेकिन बाद में किये वादो को भूल गये लेकिन मोदी जी ने सत्ता में आते ही अपना वादा पूरा किया जिसकी वजह से ही 70 साल बाद इन 18000 घर भी जगमगाने लगा।

यूं तो ये सब काम सोचने में कुछ लोगों को बहुत छोटे लगते होगे, लेकिन उन लोगों से पूछो जो जिनके सपने आजादी के बाद सच हुए हो तो लगता है कि ये कितना बड़ा काम हुआ है। तो सोचिए और फैसला खुद कीजिये कि मोदी जी ने छोटे काम किये है या फिर बहुत बड़े बड़े ….