पीएम मोदी का दो टूक जवाब, कोई भ्रम में न रहे  उकसाने पर हर हाल में देंगे जवाब

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मौका भी है और दस्तूर भी कोरोना संकट को लेकर बुलाई गई पीएम मोदी की तरफ से सीएम बैठक में पीएम मोदी ने चीन को इसारे इसारे में समझा दिया है कि चीन किसी गफलत में न रहे कि भारत को उकसाने पर उसे जवाब नही दिया जायेगा । साथ ही पीएम ने देश पर शहीद हुए जवानों को 2 मिनट मौन रहकर श्रद्धांजलि अर्पित की

 

इसारो इसारो में चीन को समझाया

पीएम मोदी ने इसारो इसारो में साफ कर दिया है कि भारत शांति चाहता है, लेकिन उकसावे पर चुप नहीं बैठेगा बल्कि ऐसा करारा जवाब देगा कि दुश्मन ने सोचा भी नही होगा। खुद पीएम ने साफ किया कि भारत शांतिपूर्ण देश है। इतिहास भी इस बात का गवाह है कि हमने विश्व में शांति फैलाई है। पड़ोसियों के साथ दोस्ताना तरीके से काम किया। मतभेद हुए भी तो कोशिश की है कि विवाद न हो। हम कभी किसी को भी उकसाते नहीं हैं लेकिन अपने देश की अखंडता के साथ समझौता भी नहीं करते। ये बात देश के दुश्मन अच्छी तरह से समझ ले ।

भरोसा देता हूं– बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा

इतना ही नही एकबार फिर से पीएम मोदी ने देश की जनता को भरोसा भी दिलाया कि वो चिंता न करें देश के इस वीर सपूतों का बलिदान यू ही नही जाने देंगे। इसका हिसाब जरूर लिया जायेगा। वैसे मोदी जी को देशवासी अच्छी तरह से जानते हैं कि वो शहीदों के खून का हिसाब बहुत अच्छी तरह से लेते हैं। खासकर इसके बारे में जानकारी इकट्ठा करना हो तो पाकिस्तान से पूछ सकते हैं। पीएम मोदी ने इस पर बोला कि भारत की अखंडता, संप्रभुता की रक्षा करने से हमें कोई रोक नहीं सकता बल्कि जो उसके रास्ते में रोड़े अटकायेगा उसे भारत का समान भी करना पड़ सकता है।

 

दो मिनट का रखा मौन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख में शहीद हुए वीर जवानों को याद करते हुए कहा कि देश को गर्व है कि हमारे सैनिक मारते-मारते मरे हैं। अपनी बात खत्म करके उन्होंने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन भी रखवाया। वहीं दूसरी तरफ मोदी सरकार ने फौज को सीमा पर पूरी तरह से छूट दे दी है कि वो स्थिति को ध्यान में रखते हुए कदम उठाये और दुश्मन को जवाब दें। जिसके बाद सीमापर जवानों के हौंसला और बढ़ गया है।

कुल मिलाकर ये कहा जाये तो गलत न होगा कि भारत सरकार ने मन बना लिया है कि वो चीन को उसी भाषा में जवाब देगी जिस भाषा में चीन को समझ में आता है इसीलिये अब सरकार के रूख के बाद चीन को फैसला करना है कि वो आखिर किस तरह से भारत से संबध रखना चाहता है, वैसे सीमा पर विवाद बढ़ने के बाद से ही चीन के साथ सभी मोर्चे पर संबध खत्म करने की चर्चा तेजी के साथ देश के भीतर में हो रही है। खासकर चीनी सामान को लेकर और अगर भारतीयों ने ऐसा कर दिया तो साफ है कि चीन की हेकड़ी यू ही निकल जायेगी। लेकिन आज पीएम मोदी जी के ऐलान के बाद चीन समझ गया होगा कि ये बदला हुआ भारत है जो अब बदला लेकर ही दम लेता है।


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