सरकारों के वो ऐलान जो करते है शर्मसार

कोरोना महामारी की दूसरी लहर में कुछ राज्यो ने जहां कोताही बरती जिसके चलते देश में कोरोना के मामले बढ़े लेकिन केंद्र ने तुरंत हालात को अपने हाथ में लेते हुए स्थिति को सुधारने की कवायद  में जुट गई। लोगो तक ऑक्सीजन पहुंचाना हो या फिर दवाई का इतंजाम हर बिगड़ी व्यवस्था को ठीक करने में मोदी सरकार जुट गई। लेकिन इस बीच सियासत की एक ऐसी ओछी तस्वीर निकल कर सामने आई है जो लोगो को शर्मसार कर सकती है। क्योकि एक राज्य की सरकार मुफ्त में दवा तो नही दे पा रही है लेकिन मुफ्त में कफन देने की बात जरूर कर रही है। जो इंसानियत को शर्मसार करती है। इतना ही नहीं ये लोग गंगा किनारे शव दफनाने की हमारी पुरानी परंपरा को भी बदनाम करने में जुटे हुए है।

 सच में भारत की सियासत गजब है

जब कोरोना से पूरा देश लड़ रहा है तो अधिकतर सरकारे इस कवायद में लगी है कि कोरोना को हराने के लिये अधिक से अधिक टेस्ट किये जाये। लोगो को दवाई पहुंचाई जाये तो लोगो को वैक्सीन की डोज मिल सके जिससे जनता की जान बच सके। ऐसे में झारखंड सरकार जान बचाने वाले सामान देने में तो पीछे होती जा रही है हां इस बीच उसने ऐलान किया है कि वो उन लोगो को कफन मुफ्त देगी जिनकी मौत कोरोना से हुई होगी। ये ऐलान सुनकर ही लगता ये है कि आज सियासत कहा तक पहुंच चुकी है। इतना ही नही एक और देश में महाशय है जो अपने प्रदेस में दवा तो नहीं दे पा रहे है लेकिन दूसरे प्रदेश में अपनी सियासत चमकाने के लिये शव को लकड़ी प्रदान कर रहे है शायद उन लकड़ी से जो शव जलेगे उस पर सियासी रोटिया सेक कर वो सत्ता पाने का सपना सजोये है। इसी तरह पहली लहर में एक राज्य के सीएम प्रवासियों को वाहन मोहइया नही करवा पाये लेकिन अस्थियों को विसरजन करने के लिये विशेष वाहन जरूर लगा दिया था जो ये बताती है कि सियासत आज कहा तक गिर चुकी है।

गंगा में शव दफनाने की परंपरा पर भ्रम की सियासत

इशी तरह जो लोग आज कफन मुफ्त देने या फिर शवों को फ्री में लकड़िया देकर सोच रहे है कि वो बहुत बड़ा काम कर रहे है। और दूसरी तरफ ये भ्रम पैदा कर रहे है कि देखो जनता कितनी मजबूर है कि लाशो को अग्नि भी नहीं दे पा रही है। तभी गंगा के किनारे शव ही शव दफन किये हो दिख रहे है। जबकि हकीकत कुछ और ही है। जानकारो की माने तो गंगा किनारे शवों को दफनाने की परंपरा सालो से चलती आ रही है। तब किसी ने इस तरफ नहीं देखा लेकिन इस कोरोना काल में इस खबर से सियासी फायदा हो सकता है बस इसे ध्यान में रखते ही लगे दफन किये गये शवों को खोदने क्योकि इससे जो उनकी सियासत की मंशा है वो पूरी जो होनी थी

अब आप इनके भ्रम में मत फंसियेगा क्योकि इनको लोगो की जान की फरवाह नहीं बस परवाह है तो सत्ता पाने की और वो किसी तरह भी मिले इससे इनको फर्क नही।