पीएम मोदी के हाथों होगा वो काम, जिसका था सदियों से हम सबको इंतजार

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

जिस घड़ी का इंतजार सदियों से था आखिरकार वो घड़ी अब बिलकुल नजदीक आ चुकी है। अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य पीएम मोदी के भूमिपूजन के बाद तेजी से शुरू हो जायेगा। इसके लिए अयोध्या में हर तरह की तैयारी कर ली गई है। तो पीएम मोदी के आयोजन में पहुंचने का पूरा चिट्टा भी आ गया है। चलिए डालते हैं पीएम मोदी के इस अहम दौरे पर नजर

अयोध्या में पीएम का करीब 3 घंटे रहेगा प्रवास

अयोध्या मंदिर की नींव रखने खुद राम भक्त पीएम मोदी जी दिल्ली से अयोध्या पधारने वाले हैं। पीएम के आगवन से प्रस्थान तक अयोध्या को पूरी तरह किसी किले में तब्दील कर दिया गया है। पीएम मोदी जी के आने से पहले आज अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन से हनुमानगढ़ी में निशान पूजन किया गया। निशान पूजन के जरिये हनुमान जी से मंदिर निर्माण की अनुमति ली गई। राम मंदिर निर्माण में हनुमानगढ़ी का निशान पूजन का महत्व है। भूमि भूजन कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी अयोध्या में तीन घंटे तक प्रवास पर रहेंगे। पीएम मोदी के अयोध्या में लैंड होने से विदाई तक के मिनट टू मिनट कार्यक्रम पर एक नजर डाल लेते हैं। 5 अगस्त को दिल्ली से विशेष विमान से पीएम मोदी लखनऊ के लिए रवाना होंगे। इसके बाद वो लखनऊ से  हैलिकॉप्टर के जरिए अयोध्या पहुंचेंगे। इसके बाद वो सबसे पहले हनुमानगढ़ी जाकर हनुमान जी के दर्शन करेंगे जिसके बाद वो वहां जायेंगे जहां रामलला विराजमान हैं जिसके बाद भूमिपूजन कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। राम मंदिर की आधारशिला की स्थापना करने के बाद पीएम मोदी नृत्यगोपाल दास, वेदांती जी सहित ट्रस्ट कमेटी से करेंगे भेंट जिसके बाद वो फिर से लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।

175 अतिथियों को दिया गया निमंत्रण 

राम मंदिर के भूमि पूजन में यूं तो सिर्फ 175 अतिथियों को निमंत्रण दिया गया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या में 137 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करेंगे। कुछ कार सेवकों के परिवार के सदस्यों को भी निमंत्रण दिया गया है, राम मंदिर के भूमिपूजन में देशभर से 2000 पवित्र स्थान से मिट्टी और जल अयोध्या पहुंचा है। 100 से अधिक नदियों का जल अयोध्या लाया गया है। अयोध्या में भूमि पूजन के दौरान 9 शिला के पत्थर भूमि पूजन में रखे जाएंगे। 9 शिलाओं का पूजन पीएम मोदी के हाथों होगा। 9 शिला 1989-90 के दौरान राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी हैं। 9 शिलाओं में से एक शिला को गर्भगृह में रखा जाएगा, बाकी 8 अन्य स्थानों पर 9 शिलाओं का इस्तेमाल नक्शा पास होने के बाद मंदिर निर्माण के वक्त किया जाएगा।

भूमि पूजन के मंच पर कौन-कौन होगा

भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मंच पर सिर्फ पांच लोग ही होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास मंच पर रहेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया की वरिष्ठ बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी आयु ज्यादा होने की वजह से नहीं आ पाएंगे जबकि बीजेपी नेता उमा भारती ने बताया कि वो कोरोना की वजह से सरयू किनारे रहकर ही कार्यक्रम की गवाह बनेंगी।

कुल मिलाकर सारे आयोजन का कार्यक्रम तय कर लिया गया है। अब बस सभी को इतंजार है तो उस घड़ी का जिस घड़ी के लिए सालों से आंखे तरस रही थी। लेकिन उस घड़ी के आने से पहले ही आँखें भारी हो रही है और वो भी इस खुशी से कि हम वो स्वभाग्यशाली व्यक्ति है जो इश महान घड़ी को अपनी इस माया से भरी आंखो से निहार पाएंगे। ऐसे में बस जुबान से यही निकल रहा है कि जय श्री राम जय श्री राम …..


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •