टेरर फंडिंग मामला: 11 हुर्रियत नेताओ पर सरकार का शिकंजा, सबकी संपत्ति होगी जब्त

आतंकवाद से जुड़े मसले पर अब मोदी सरकार ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है| खासकर टेरर फंडिंग के मामले को लेकर सरकार शुरू से ही काफी गंभीर दिखाई दे रही है|

Modi

इससे जुड़े मामले पर सरकार ने लगातार शिकंजा कसना पिछले कई महीनो से शुरू कर दिया है| अब इसी सिलसिले में सरकार ने आतंक के फंडिंग से बनी सरकारी प्रॉपर्टी पर भी कारवाई करने का फैसला लिया है| मिली खबर के अनुसार सरकार ने 11 हुर्रियत नेताओ के संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया है|

11 अलगाववादी नेताओ की सूचि में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के चीफ सैयद सलाउद्दीन समेत सैयद अली शाह गिलानी के दामाद का भी नाम है| सरकार के फैसले के अनुसार संपत्ति जब्त होने वाले नेताओ की सूचि में सैयद अली शाह गिलानी के दामाद अल्ताफ फंटूश, नईम अहमद खान, फ़ारुख अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, शहीदुल इस्लाम, पाक में मौजूद हिज्बुल चीफ सैय्यद सलाउद्दीन, अकबर खंडी, पीर सैफुल्ला,राजा मेहराजुद्दीन समेत 11 अलगाववादियों नेताओ के नाम शामिल है| जिनके संपत्ति पर सरकार ने स्ट्राइक करने का फैसला लिया है| बताया जा रहा है की सरकार ने इन सभी नेताओ के संपत्तियों का पहचान भी कर लिया है| मालूम हो की इन सभी अलगवावादी नेताओ पर आतंक की फंडिंग के सहारे करोड़ो के संपत्ति बनाने का आरोप है|

इस सन्दर्भ में यह भी बताया जा रहा है की गिलानी के दामाद की बेमिना रोड पर मौजूद प्रॉपर्टी को भी जब्त किया जायेगा|मालूम हो की टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में इससे पहले भी एन.आई.ए ने गिलानी और अलगाववादी नेता मीरवाईज उमर फारूक से पूछताछ कर चुकी है| कई मीडिया रिपोर्ट्स के सूत्रों के हवाले से खबर है कि सरकार ने अलगाववादी और हुर्रियत नेताओ पर शिकंजा कसने का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है| लिहाजा अब सरकार के तरफ से इन नेताओ की प्रॉपर्टी जब्त करने की मंजूरी मिलने के बाद गृह मंत्रालय और इससे सम्बंधित जांच एजेंसियों ने कई सख्त कदम उठाये है| जिसके बाद उससे जुड़ी कई अहम् बातें भी सामने आई है| लिहाजा लाजिमी है कि जब प्रथमदृष्टया मामला टेररफंडिंग से जुड़ा हुआ दिख रहा है तो जाँच के दौरान इससे जुड़ी कई और अहम परत भी सामने आएँगी|