चीन की बढ़ी टेंशन, दुनियाभर के खुफिया एजेसियों के अधिकारियों की भारत में हो रही बैठक

दुनिया में लगातार भारत की ख्याति बढ़ रही है। इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता है और यही वजह है कि बीते कुछ महीनों में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से लेकर ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन दिल्ली का दौरा कर चुके हैं। इसके अलावा भी अमेरिका से लेकर कई बड़े देशों के राजनेयिक का भी दौरा भारत हुआ है लेकिन अब राजधानी में 40 देशों के खुफिया एजेंसियों की एक अहम बैठक हो रही है जो एक बहुत बड़ा कदम है।

40 देशों के खुफिया अधिकारी शामिल

दुनिया के 40 से ज्यादा देशों की खुफिया एजेंसियों के बड़े अधिकारी भारत दौरे पर हैं और दिल्ली में सोमवार को इंटेलिजेंस एजेंसीज की अहम बैठक हो रही है। इस बैठक में आतंक, ड्रग्स और दुनिया के सामने मौजूदा संकट पर भी चर्चा हुई। जानकारों की माने तो  खुफिया एजेंसियों की बैठक में कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस और यूरोपियन देशों के इंटेलिजेंस ऑफिसर शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा कई देशों के बड़े खुफिया अधिकारी भी दिल्ली में जुट रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस बैठक में  बैठक में दुनिया में बनी स्थिति और आंतकवाद को कैसे दुनिया से खत्म किया जाये इस पर चर्चा की है। वही इस चर्चा में विश्व के देशों ने भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंतक वाद और डग्स समस्या को खत्म करने पर जोर दिया है।

 

चीन को घेरने की तैयारी?

जासूसों की इस अहम बैठक में चीन को लेकर भी चर्चा होनी है जिसके साथ लंबे वक्त से भारत का सीमा विवाद चल रहा है। वह अपनी विस्तारवादी नीतियों पर अड़ा है और गलवान जैसी घटना के बाद पड़ोसी मुल्क के साथ द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट आई है। तो ताइवान मुद्दे पर भी समीक्षा की गई है। तो भारत ने बैठक से ठीक एक दिन पहले चीन को सख्त रूख दिखाते हुए उसके देश के पर्यटक वीजा पर रोक लगा दी है। भारत ने ये कदम तब लगाया है जब चीन ने भारतीय छात्रों को चीन में वीजा देने से मना किया था। जिसके बाद जैसे को तैसे के तहत भारत ने चीन को जवाब दिया है।

जिस तरह इस वक्त दुनिया में माहौल बना है वैसे में दुनिया भर के खुफिया एजेसियों के अध्यक्षों का भारत दौरा बहुत खास हो जाता है। वो भी तब जब भारत आज दुनिया के सामने अपनी बात खुलकर रख रहा है।