तेजस के तेज से दुश्मन में मच गई खलबली

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भारत की तरफ अगर कोई दुश्मन  तिरछी नजर करेगा तो उसको उसी की भाषा में जवाब देने के लिये भारतीय सेना तैयार है। क्योंकि अब भारत की सेना के पास नये नये हथियार आ रहे हैं। इसी क्रम में स्वदेशी विमान तेजस की दूसरी स्क्वाड्रन वायुसेना में शामिल हो गई।  इस स्क्वाड्रन का नाम फ्लाइंग बुलेट्स दिया गया है जो दुश्मन पर फ्लाइंग बुलेट्स की तरह कार्यवाही करने में सक्षम भी है। चलिये तेजस की खासियत के बारे में बात करते हैं।

तेजस के आगे पाक-चीन का थंडरबर्ड बेकार 

तेजस हवा से हवा में, हवा से जमीन पर मिसाइल दाग सकता है इसमें एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट भी लगाए जा सकते हैं।तेजस 42% कार्बन फाइबर, 43% एल्यूमीनियम एलॉय और टाइटेनियम से बनाया गया है। तेजस सिंगल सीटर पायलट वाला विमान है, लेकिन इसका ट्रेनर वेरिएंट 2 सीटर है यह अब तक करीब 3500 बार उड़ान भर चुका है तेजस एक बार में 54 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसके साथ 6 तरह की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें हो सकती हैं इसमे तैनात। खास बात है ब्रह्मोस के साथ साथ इसपर लेजर गाइडेड बम, ग्लाइड बम और क्लस्टर वेपन लगाए जा सकते हैं। तेजस विमान पाकिस्तान और चीन के संयुक्त उत्पादन थंडरबर्ड से कई गुना ज्यादा दमदार है जो इनकी नींद उड़ा सकता है। तेजस की रफ्तार की बात करे तो

तेजस की स्पीड का कोई नही कर सकता मुकाबला

तेजस जब आसमान में उड़ान भरता है तो इसकी स्पीड का कोई लोहा नही ले सकता है। 2222 किमी प्रति घंटा की गति से उड़ान भरने में सक्षम,तेजस 3000 किमी की दूरी तक एक बार में भर सकता है उड़ान। 43.4 फीट लंबा और 14.9 फीट ऊंचा है तेजस फाइटर.13,500 किलो वजन होता है सभी हथियारों के साथ लैस है।

वायुसेना के लिये बहुत जरूरी है ये लड़ाकू विमान

वायुसेना स्क्वाड्रन की कमी से जूझ रही थी। अब वायुसेना को इस साल 36 राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप फ्रांस से मिलने जा रही है जो सभी सैनिकों के जज्बे, हुनर, जोश और जुनून को बढ़ाएंगे। लड़ाकू विमान तेजस की नई स्क्वाड्रन का वायुसेना में शामिल होना देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है। जिससे देश की सेना का मनोबल बढ़ेगा तो दूसरी तरफ दुश्मन देश भारत पर गलत निगाह डालने में  डरेंगे।

आत्मनिर्भर होता भारत

तेजस के वायुसेना में शामिल होने के बाद अब ये सिध्द हो गया है कि भारत में मेक इन इंडिया के तहत तैयार की जा रही वस्तुओं का कोई जोड़ नही है। इसका जीता जागता उदाहरण तेजस है जो भारत के HAL ने तैयार किया है। खासबात ये है कि ये फाइटर पूरी तरह से भारत में बनकर तैयार हुआ है। देखने में ये जरूर छोटा लग रहा हो लेकिन इसकी मारक क्षमता का कोई जवाब नही है। तभी तो बहुत से देश इस जहाज को खरीदने के भी इच्छुक दिख रहे हैं। मतलब तेजस देश की रक्षा तो करेगा ही साथ में देश के खजाने को भी भरेगा।

मतलब साफ है कि तेजस भारत की फौज का हौसला एक तरफ दूना करेगा तो दूसरी तरफ दुश्मनो का हौसला पस्त करेगा। ऐसे में अब दुश्मनों के लिये यही अच्छा होगा कि वो भारत पर बुरी नजर डालना बंद कर दें।


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