लड़ाकू विमान तेजस के आने से अब और तठस्थ होगी भारतीय वायु सेना

भारत मे निर्मित तेजस लड़ाकू विमानों के भारतीय वायुसेना में शामिल होने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है | तेजस ने भारतीय वायुसेना में शामिल होने की आखिरी बाधा भी पार कर ली है | इसके आ जाने से वायु सेना का मनोबल ऊँचा होगा | भारतीय वायुसेना काफी समय से हल्के लड़ाकू विमानों की मांग कर रही थी | तेजस ने उनकी ये कमी भी पूरी कर दी है | अब भारतीय सीमा की तरफ दुश्मन आँख उठाकर देखने की जुर्रत कभी नही करेगा | 

‘मेक इन इंडिया’ का है परिणाम

तेजस का निर्माण, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) कम्पनी ने किया है जो कि भारत सरकार के अधीन है | यह अपने आप में ‘मेक इन इंडिया’ का काफी अच्छा विज्ञापन है | खेप के पहले विमान ने मंगलवार को निर्णायक संचालन मंजूरी-मानक (एसपी-21) के तहत आसमान की बुलंदियों को छुआ। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के मुताबिक, इस दौरान तेजस की उड़ान पूरी तरह मानक पर सफल रही है। एचएएल ने सीईएमआईएलएसी की तरफ से ड्राइंग अप्लिकेबिलिटी लिस्ट (डीएएल) और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी होने के महज 12 महीने के रिकॉर्ड समय में इस सफलता को हासिल कर लिया है।

यहां एचएएल एयरपोर्ट से दोपहर 12.30 बजे उड़ान भरने वाले तेजस विमान में पायलट की भूमिका में सेवानिवृत्त एयर कमोडोर व चीफ टेस्ट फ्लाइंग (फिक्स्ड विंग) के ए मुथाना मौजूद रहे। हवा में ईंधन भरना और बियॉन्ड विजुअल रेंज (बीवीआर) मिसाइल सिस्टम सरीखे कई एडवांस फीचर वाले इस तेजस विमान ने करीब 40 मिनट तक हवा में अपना जलवा बिखेरा। 

एचएएल के सीएमडी आर. माधवन के मुताबिक, इस उड़ान में एलसीए तेजस कार्यक्रम के विभिन्न हितधारकों एचएएल, वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय, सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थनेस और सर्टिफिकेशन, भारतीय वायुसेना व एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के सराहनीय टीम वर्क का योगदान रहा।

15 अन्य तेजस के निर्माण की राह होगी साफ

एचएएल के सीएमडी माधवन का कहना है कि पहले तेजस की इस सफल उड़ान से 15 अन्य विमानों के निर्माण को एफओसी ब्लॉक से मंजूरी मिलने का रास्ता साफ होगा। इन विमानों को अगले वित्त वर्ष में भारतीय वायुसेना को सौंप दिए जाने की योजना है।