इटली की इरेन तिवारीनी पर्यटन के रूप में विकसित यूपी के गांव नैनखेड़ी में करेंगी रिसर्च

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UP's village Nankhedi | PC - @nainkheri

पर्यटन के रूप में विकसित किए जा रहे गांव नैनखेड़ी में एक इटालियन महिला पर्यटक इरेन तिवारीनी 16 नवंबर को शोध के लिए सहारनपुर के नैनखेड़ी गांव पहुंच रही है। आगमन को उत्सव की तरह मनाने की गांव वाले तैयारी कर रहे हैं। इटालियन महिला पर्यटक के गांव आने पर पर्यटन-पर्यावरण से जुड़े कुछ लोग दिल्ली से भी गांव में पहुंच रहे हैं।

ग्रामवासी इस आयोजन को एक उत्सव की तरह मानने की तैयारी में जुट गए हैं। बताते चलें कि गांव नैनखेड़ी में जल संरक्षण, ई-गवर्नेंस, आधुनिक खेती को तेजी से अपना रहा है। गांव में पिछले डेढ़ वर्ष में अनेकों कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिससे क्षेत्रों में ग्रामीणों के बीच जागरूकता आई।

16 नवम्बर को गांव नैनखेड़ी में ग्रामीण एक तरह से भारत के दर्शन करेंगे। जैसे कुल्हड़ में चाय, सूत कातने वाला गांधी जी का चरखा, चक्की, जैविक खेती की फसल इत्यादि का प्रदर्शन होगा। इटालियन महिला इरेन तिवारीनी गांव में रिसर्च के मकसद से आ रही हैं।

Nankhedi Village

ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह ने बताया कि नैनखेड़ी के विकास के लिए ई-गवर्नेंस, जल संरक्षण नैनखेड़ी झील, नैनखेड़ी बोटिंग क्लब, इको पर्यटन, नैनखेड़ी गेस्ट हाउस, जैविक खेती, नैनखेड़ी ऑर्गेनिक क्लस्टर, मॉडल शिक्षा इंग्लिश प्राथमिक विद्यालय, नैनखेड़ी स्वच्छता समिति, महिला समिति, लक्ष्मी महिला समूह, नैनखेड़ी योग समिति शामिल है।

इरेन तिवारीनी इटालियन्स स्टूडेंट वोसरेजना यूनिवर्सिटी इटली से मास्टर डिग्री कर रही है। जिसके एक पार्ट में ग्रामीण क्षेत्र में जाकर रिसर्च करना है। उन्होंने रामपुर मनिहारान के गांव नैनखेड़ी को रिसर्च के लिए चुना है।

ग्राम प्रधान ने बताया है कि यह गांव इरेना ने गांव पर किए गए कार्यक्रम व टीवी चैनलों पर दिखाई गई तस्वीर को लेकर उन्होंने नार्थ इंडिया के इस गांव को चुना। इसलिए भी चुना कि इस गांव ने जल संरक्षण से गांव का भूजलस्तर बढ़ा है। इरेन वर्ष 2012 में चेन्नई में स्टूडेंट रही है। उन्होंने साउथ इंडिया की बजाय नार्थ इंडिया का क्षेत्र चुना। वह भी इसलिये की नैनखेड़ी गांव शिवालिक तलहटी में बसा है।

 


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