पानी की खाली बोतल से रेलवे बना रहा टी-शर्ट और टोपी

Bottle_Crusher Vending Machine

रेलवे स्टेशनों, स्टेशन परिसरों और ट्रेन के डिब्बों में खाली पड़ी प्लास्टिक की बोतलें अब जहां-तहां फेंकी नजर नहीं आएंगी, क्योंकि रेलवे पानी की इन खाली प्लास्टिक की बोतलों से टी-शर्ट और टोपी बना रहा है। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों की बोगियों में खाली बोतलों का कचरा न हो, इसके लिए रेलवे ने नई तरकीब निकाली है। खाली बोतलों को इकट्ठा करने का रेलवे ने एक तरीका भी खोज निकाला है। तरीका ये है की अब प्लास्टिक की बोतल को जमा करने वाले को प्रति बोतल रिवार्ड के रूप में 5 रुपये भी दिए जाएंगे। यह पांच रुपये उन्हें वाउचर के रूप में रेलवे की एजेंसी बायो-क्रश की ओर से मिलेंगे। इस पैसे का इस्तेमाल कई चुनिंदा दुकानों और मॉल में सामान खरीदने के लिए किया जा सकेगा।

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जी हां, रेलवे के इस कदम से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। इसकी शुरुआत पटना, बिहार से हो चुकी है। पटना से जुड़े चार स्टेशनों पटना जंक्शन, राजेंद्रनगर, पटना साहिब और दानापुर स्टेशन पर रिवर्स वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों के जरिए प्लास्टिक की बोतलें इकट्ठा की जा रही हैं। रेलवे का ये प्रयोग सफल साबित हो रहा है,क्योंकि आम लोग इस योजना में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

और रेलवे इन्हीं पानी की खाली प्लास्टिक की बोतलों से टी-शर्ट और टोपी बना रहा है। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि बोतलों को क्रश कर इसका लिक्विड बनता है उसके बाद टी-शर्ट, टोपी आदि बनाई जाती है। उन्होंने कहा कि ये टी-शर्ट सभी मौसम में पहनने लायक होंगी। टी-शर्ट बनाने के लिए रेलवे का मुंबई की एक कंपनी से करार हुआ है। रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार अभी हाल ही में झारखंड की राजधानी रांची में ऐसी ही टी-शर्ट की प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया। रीसाइकल प्लास्टिक बोतलों से बना टी-शर्ट का कपड़ा पॉलिएस्टर जैसा होगा।

रेलवे की योजना प्रथम चरण में इन प्लास्टिक बोतल वेंडिंग मशीन को देश के 2000 स्टेशनों पर लगाने की है। इसके जरिए पानी या कोल्ड ड्रिंक आदि में प्रयुक्त बोतल को रीसाइकल किया जाएगा। जानकारों का मानना हैं कि प्लास्टिक बोतल के कचरे से मुक्ति दिलाने में ये योजना काफी अहम साबित होगी।