काला धन / मोदी सरकार को मिली बड़ी कामयाबी, स्विस बैंक ने सौंपी भारतीय खाताधारकों की पहली जानकारी

कालेधन के ख़िलाफ़ लड़ाई में मोदी सरकार को बड़ी सफलता मिली है।

जल्द ही स्विस बैंक्स में रखे कथित काले धन के सच से पर्दा उठ सकता है। दरअसल स्विस बैंक में भारतीय खातों का विवरण प्राप्त करने के लिए भारत काफ़ी दिनों से प्रयास कर रहा था। अब पहले दौर का विवरण स्विट्जरलैंड ने भारत को सौंप दिया है। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच नए ऑटोमेटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फोर्मेशन (एईओआई) फ्रेमवर्क के तहत सरकार को स्विस बैंक्स में भारतीय लोगों के वित्तीय खातों का पहला ब्योरा मिला है। इसमें स्विस बैंक में भारतीयों के सक्रिय खातों से सम्बंधित जानकारियाँ शामिल हैं। इस जानकारी को विदेशी खातों में रखे गए काले धन के खिलाफ लड़ाई में एक अहम कामयाबी माना जा रहा है।

Swiss bank share first information of Indian account holders

स्विट्जरलैंड के संघीय कर प्रशासन ने 75 देशों को वैश्विक मानदंडों के तहत ऐसे वित्तीय खातों का विवरण भारत के साथ शेयर किया है। ऑटोमेटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फोर्मेशन (एईओआई) फ्रेमवर्क के तहत पहली बार सूचना दी गई है। इस फ्रेमवर्क के तहत उन वित्तीय खातों की सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाता है, जो या तो अभी सक्रिय हैं या 2018 में बंद किए जा चुके हैं। वित्तीय खातों का अगला आदान-प्रदान सितंबर 2020 में होगा। भारत ने स्विट्जरलैंड को क्या जानकारी दी है, इस सम्बन्ध में अधिकारियों ने कुछ कहने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि यह गोपनीयता का मामला है।

स्विट्जरलैंड ने इन सभी देशों को 31 लाख खातों का विवरण मुहैया कराया है और बदले में उसे भी इन देशों से 24 लाख जानकारियाँ मिली हैं। विवरण में खाताधारक की पहचान, खाते में जमा रकम और अन्य जानकारियाँ शामिल हैं। इसमें खाताधारक का नाम, पता, राष्ट्रीयता, टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर और वित्तीय संस्थानों से जुड़ी अन्य सूचनाएँ शामिल हैं।

स्विस बैंक दशकों से अपनी गोपनीयता के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ सालों से इसके ख़िलाफ़ वैश्विक अभियान चला, जिससे उसे ये जानकारियाँ अन्य देशों के साथ साझा करनी पड़ी। इस अभियान के कारण कई लोगों ने जल्दबाजी में बैंक से रुपया निकालना शुरू कर दिया। यही कारण है कि 2018 में बंद किए जा चुके बैंक एकाउंट्स से सम्बंधित जानकारियाँ भी दी जा रही हैं।

स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) द्वारा जारी किए गए आँकड़ों के अनुसार, स्विस बैंक में भारतीयों द्वारा जमा रकम 2018 में लगभग 6% घटकर 6,757 करोड़ रुपए हो गई थी। पिछले 2 दशक में जमा रकम का यह दूसरा सबसे निचला स्तर है। गौरतलब है कि सरकारी रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि 1980 से लेकर साल 2010 के बीच भारतीयों ने 246.48 अरब डॉलर से लेकर 490 अरब डॉलर के बीच काला धन देश के बाहर भेजा था।

भारत को मिली इन जानकारियों के आधार पर उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी, जिन्होंने अवैध तरीकों से विदेश में पैसा जमा कर रखा है।

बता दे की जून, 2014 में भारत ने स्विट्जरलैंड से स्विस बैंकों में बेहिसाब पैसा या कालाधन रखने वाले भारतीयों की जानकारी साझा करने की अपील की थी। भारत सरकार की तरफ से तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऐसे नामों की सूची और खातों की जानकारी साझा करने को कहा था।