सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन में रचे कई इतिहास 9 जजों को एक साथ दिलाई गई शपथ

वैसे तो अगस्त का महीना इतिहास बनाने में हमेशा अव्वल रहा है। इसी क्रम में अगस्त के आखरी दिन यानी 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने एक ही बार में कई नये रिकार्ड बनाये। जिसके बाद ये तारीख इतिहास के पन्नो में अमर हो जाएगी।

Supreme Court benches to sit through vacation - The Hindu

एक ही दिन में 9 जजों ने शपथ लेकर रचा इतिहास

सुप्रीम कोर्ट में आज नौ जजों को एक साथ पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई है। सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना ने एक ही दिन में 9 जजों को शपथ दिलाई। सुप्रीम कोर्ट इससे पूर्व कभी 9 जजों ने एक साथ शपथ नहीं ली थी। इन जजों में तीन महिला जज शामिल हैं। सर्वोच्च अदालत में तीन महिला जजों ने पहली बार शपथ ली है। इनमें से जस्टिस बीवी नागरत्ना एक ऐसी जज हैं जो 2027 के आसपास देश की मुख्य न्यायाधीश बनेंगी हालांकि उनका कार्यकाल काफी संक्षिप्त होगा। इसके अलावा जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने भी जज की शपथ ली जो मई 2028 में मुख्य न्यायाधीश बन सकते हैं। जस्टिस नरसिम्हा सुप्रीम कोर्ट में वकील रहे हैं और उन्हें बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट में जज बनाया गया है। खास बात यह है कि जस्टिस नरसिम्हा अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल रहते हुए, सरकार के महत्वकांक्षी कानून, एनजेएसी, जिसमें उच्च अदालतों में जजों की नियुक्ति की व्यवस्था की गई थी, उसकी वकालत कर चुके हैं।

पहली बार शपथ समारोह हुआ टीवी पर लाइव

इसके साथ एक रिकार्ड ये भी बना कि पहली बार सुप्रीम कोर्ट का शपथ समारोह टीवी पर लाइव किया गया। इससे पहले कई बार इस बात की मांग की गई थी कि कोर्ट की कार्यवाही भी टीवी पर लाइव दिखाया जाये लेकिन इसकी शुरूआत पहली बार शपथ ग्रहण समारोह के दौरान शुरू की गई है। जिसे हाथों हाथ भी लिया गया है और इसे एक अच्छी परंपरा भी बताया जा रहा है। इसके साथ-साथ पहली बार हुआ है जब पिता और पुत्री दोनो  सुप्रीम कोर्ट के जज बने हैं।

वैसे न्यायधीशों की कमी को लेकर कई बार सवाल उठते आये हैं लेकिन जिस तरह से इस बार सुप्रीम कोर्ट में जजों को बढ़ाया गया है उससे ये बात साफ होती है कि काफी दिन से अंटके पड़े मामले अब जल्द ही निपटेंगे, जिससे काम में तेजी आयेगी।