कोरोना की तैयारियों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी मोदी सरकार की पीठ थपथपाई

कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने को लेकर सरकार द्वारा उठाये गये कदमों तारीफ़ करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा की ये सरकार द्वारा उठाये गये कदमो का ही नतीजा है कि दुनिया के बाकी सारे देशों की तुलना मे भारत इस से निपटने मे काफी सफल रहा है तथा इसके प्रभावों को सीमित करने मे मे भी सफलता हासिल की है | कोर्ट ने माना कि सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है और आलोचक तक इसकी सराहना कर रहा है। देश के चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की पीठ ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि पूरा देश यह मान रहा है कि सरकार कोरोना को लेकर सभी जरूरी कदम उठा रही है। सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट में कोरोना से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान यह बात कही गई। याचिका में मांग उठी थी कि कोरोना से निपटने के लिए सरकार को और जरूरी कदम उठाने के लिए कहा जाए। कोविड 19 टेस्ट करनेवाली लैब को बढ़ाने की मांग भी की गई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कोरोना लैब टेस्टिंग सेंटर बढ़ाने की वाली याचिका सरकार को रेफर की।

हम सरकार से संतुष्ट: सुप्रीम कोर्ट

चीफ जस्टिस की अध्यता वाली बेंच ने कहा, ‘हम सरकार के कदमों से संतुष्ट हैं। मामले से निपटने के लिए काफी तेजी से कदम उठाए गए। आलोचक भी मान रहे हैं कि सरकार ने ठीक काम किया। यह राजनीति नहीं तथ्य है।’ इस बेंच में जस्टिस एल एन राव और सूर्यकांत शामिल थे। 

गौरतलब है की सरकार ने देश मे कोरोना के पहले केस के साथ ही इसके खिलाफ अपनी तैयारीयों मे काफी तेजी दिखाई थी | देश मे विदेश से आनेवालों को को बहुत पहले से ही एयरपोर्ट पर चेक करने के बाद ही जाने दिया जा रहा है | इसके साथ ही अभी सरकार द्वारा लगाये गये जनता कर्फ्यू का पूरी दुनिया ने तारीफ़ किया |   

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक बड़ा फैसला और लिया है। अब जरूरी सुनवाई के लिए कौन वकील सुप्रीम कोर्ट परिसर में जाएंगे इसकी जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन के अध्यक्ष की होगी।