प्रदर्शनकारियों के ऐसे बयान जो आप को गुदगुदा देंगे ..

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CAA और NRC को लेकर देश में सर्दी के मौसम में भी उबाल है हर तरफ ऐसी ऐसी अफवाह फैली हुई है, कि अगर आप उसे सुने तो आप अपनी हँसी रोक नही पायेगे और ये समझ जायेंगे कि आखिर इन लोगों का ज्ञान इस कानून को लेकर कितना कम है। चलिये आपको कुछ ऐसे ही गुदगुदाने वाले प्रदर्शनकारियों के बयान से अवगत करवाते है, जो सड़क पर अपना विरोध तो जताने उतर आये है, लेकिन उन्हे इसके बारे में कुछ भी नही पता है।

चुटकले वाले उपद्रवी- सबसे पहले बात दिल्ली की करते है, जहां CAA का विरोध करने सबसे पहले जामिया विश्वविधालय के छात्र और छात्राएं उतरी तो लगा कि वो कुछ ऐसी बात जरूर सरकार के सामने लायेंगी जो सच में इस कानून में गलत होगी। जिसे सरकार सुधार कर सकती है। लेकिन इनके ज्ञान को देखकर तो वही पुरानी कहावत ध्यान आ गई, कि खोदा पहाड़ निकली चुहियां। जब छात्रों से पूछा गया कि आप इसका विरोध क्यो कर रहे है, तो उनका बयान है कि हमारे सभी भाई विरोध के लिये निकले है, इस लिये हम भी सड़क पर है, तो कुछ छात्राएं ये कहती हुई नजर आई, कि सरकार क्यों हमसे हमारी पहचान मांग रही है हम क्यो उन्हे अपनी पहचान दिखाये, तो किसी ने इसे महंगाई तो किसी ने इसे राममंदिर तो किसी ने मुस्लिमों को दबाने वाला कानून बताया। मतलब साफ था, कि इनमे से किसी को CAA का C भी नही पता था। इतना ही जामा मंजिद, सीलमपुर में तो लोग NRC का विरोध करते नजर आये जो अभी कानून बना भी नही है। हालाकि वो ये कहते नजर आये कि जब CAA लागू कर दिया तो NRC भी सरकार लागू कर देगी इस लिये वो विरोध कर रहे है।

दिल्ली तो दिल्ली, मुबंई भी इस क्रम में पीछे नही रही वहां की आम जनता की बात तो दूर कुछ फिल्मी कलाकार भी इस कानून के विरोध में गला फाडते हुए तो दिखे, लेकिन जब उनसे ये पूछा गया कि कानून में गलत क्या है तो वो भी अपनी बगले झाँकते हुए दिखाई दिये। कुछ ने तो ये कहकर पल्ला झाड़ लिया, कि उन्होने इस कानून के बारे में कुछ ज्यादा पढ़ा नही है, लेकिन कुछ तो गलत है तभी इतनी भीड़ सड़कों पर उतर आई है। तो कुछ कानून के बारे में तो नही बता पाये लेकिन आम लोगो के सामने भ्रम फैलाते हुए जरूर दिखे।

Representational Image

इसी तरह बिहार की बात करे प्रदर्शन करने उतरे लोगों को देखकर यही लगा कि ये प्रदर्शन करने उतरे है या मजाक करने। CAA और NRC की ऐसी वॉट इन लोगों ने लगाई की अब क्या कहा जाये, कुछ लोगों ने कहा कि लहसून के दाम बढ़ रहे है इसलिये CAA को हटाया जाये तो कुछ ने कहा कि गुगल में न्यूज चल रही है कि ये कानून महंगाई बढ़ाएगा इस लिये कानून हटाया जाये। और तो और छोटे छोटे बच्चे इस कानून के विरोध में नारे लगा रहे थे और ये कहते नजर आ रहे थे कि लालू जी को बचाना है इस लिये वो सड़कों पर हंगामा कर रहे है

इसी तरह यूपी में तो कुछ लोग CAA को आजाद करो की मांग पर ही उतर आये साथ ही इन लोगों का कहना है कि इस कानून से नवाज पढ़ने के लिये आई कार्ड दिखाना होगा जिसका वो विरोध करने के लिये इकट्टा हुए है। उपद्रवियों को ऐसा भरा गया कि कानून लग जायेगा तो देश के सारे मुस्लिमों को देश से निकाल दिया जायेगा ऐसी बातों पर वो हंगामा कर रहे है। यहां तक कि कुछ कह रहे है कि ये कानून गरीबी बढ़ाये इसलिये इसे खत्म कर देना चाहिये।

मतलब साफ है कि CAA हो या NRC इन दोनो पर सही जानकारी अभी किसी को भी नही है। बस जितने मुंह उतनी बातों को ध्यान में रख कर ये लोग सड़कों पर प्रदर्शन करने उतर आये है, कुछ लोगों ने इन मासूम लोगों का फायदा उठाकर सरकार पर हल्लाबोल दिया है। ऐसे में तो यही लगता है, कि आज घर के लोग ही घर में आग लगा रहे है बस एक राजनेता पीएम मोदी से बदला लेने के लिये इस बात को देश जितनी जल्द समझेगा उतनी जल्दी ही सड़को में लग रही आग शांत होगी और देश में अमन उतनी जल्दी कायम होगा।

 


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