नये भारत का कुछ ऐसा है दम, रूस ने भारतीयों के लिए रोकी 8 घंटे जंग

जिस जंग को अमेरिका नाटो या फिर यूरोपिय संघ नहीं रोक पाया उसे पीएम मोदी की एक फोन कॉल ने कुछ घंटों के लिये रोक दिया। आप भी चक्कर में पड गये होगे कि ये हम क्या बोल रहे है लेकिन हकीकत कुछ यही पीएम मोदी और पुतिन के बीच फोन पर हुई बात के बाद भारतीयों को सकुशल निकाले जाने के लिये रूस ने 8 घंटे तक खरकीव पर हमला करने की रोक लगाई है। वही दूसरी तरफ भारतीयों के लिये रूस ने अपनी सीमा भी खोली है कि वो वहां से स्वदेश जा सकते है।

भारतीयों के लिए 8 घंटे पुतिन ने रोकी जंग

खारकीव में इंडियन स्टूडेंट्स को यूक्रेन सेना द्वारा मानव ढाल बनाने के रूस के आरोपों के बीच भारत के लोगों के लिए राहत की खबर है। खारकीव में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए रूस 6 घंटे तक युद्ध रोकने को तैयार हो गया है। यह गैप वहां फंसे भारतीय लोगों को सुरक्षित खारकीव से निकालकर यूक्रेन के आसपास के देशों के बॉर्डर तक पहुंचाने के लिए लिया गया है। गौरतलब है कि बुधवार रात भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से बात की थी। इस दौरान पीएम मोदी ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने का मुद्दा उठाया था। रूस के राष्ट्रपति ने पीएम को बताया था कि रूस हर संभव मदद करने को तैयार है जिसके बाद रूस ने ये फैसला लिया जो विश्व में मोदी जी लोकप्रियता को दर्शाता है कि मुल्क कोई भी क्यों ना हो हर कोई को मोदी जी का साथ जरूर चाहिये।

भारतीयों के लिए रूस अपनी सीमा कोलने को तैयार

रूस और यूक्रेन  के बीच छिड़ी जंग की वजह से यूक्रेन  में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र  फंस गए हैं। लेकिन रूस ने अब साफ किया है कि वो भारतीय छात्रों के लिये अपनी सीमा खोलेगा। जानकारों की माने तो ये शहर रूस की सीमा 40 किलोमीटर दूर मौजूद है। सरकार का इरादा खार्किव से छात्रों को रूस लाना और फिर वहां से भारत के लिए रवाना करने का है। दरअसल, भारत सरकार दोनों मुल्कों से खार्किव-बेलगोरोड बॉर्डर को खोलने की बातचीत हो चुकी है यूक्रेन में 20 हजार के करीब भारतीय छात्र पढ़ाई करते हैं। वहीं, काम के सिलसिले से गए पांच हजार भारतीयों की संख्या को भी जोड़ लिया जाए, तो देश में भारतीयों की तादाद 25 हजार है। अधिकतर भारतीय छात्र मेडिकल और नर्सिंग की पढ़ाई करने यूक्रेन गए हुए थे। लेकिन युद्ध छिड़ने के बाद ये लोग वहीं पर फंस गए हैं। भारत सरकार की तरफ से इन लोगों की वतन वापसी के लिए भरपूर प्रयास किया जा रहा है।

इस कड़ी में ये कदम एक बेहतर कदम साबित होगा क्योकि इससे ज्यादा से ज्यादा भारतीयों को यूक्रेन से निकाला जा पायेगा। लेकिन इस बीच ये तो साफ हो गया है कि भारत की छवि एक मजबूत राष्ट्र की बन गई है तभी तो मुल्क कोई भी हो सभी भारत के साथ खड़े दिख रहे है।