एमआरएसएएम मिसाइल का सफल परीक्षण, एक साथ कई दुश्मनों को मार गिराने में है सक्षम

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  • 70 किमी के दायरे में आने वाली मिसाइलों, लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों, ड्रोनों, निगरानी विमानों और अवाक्स (हवाई चेतावनी और नियंत्रण प्रणाली) को मार गिराएगी यह मिसाइल|
  • हवाई रक्षा के लिए एमआरएसएएम मिसाइल हर मौसम में काम कर सकती है|
  • 360 डिग्री पर घूमकर विभिन्न तरह के खतरों के खिलाफ हमला करने में सक्षम है|
  • 2469.6 किमी प्रति घंटे की गति से दुश्मन पर कर सकती है हमला|

बीतें शुक्रवार को भारतीय नौसेना ने मध्यम दूरी की जमीन से हवा में मार करने वाली मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल (एमआरएसएएम) का सफल परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय ने खुद इस बात की जानकारी दी है| इस मिसाइल के सफल परीक्षण के साथ ही भारतीय नौसेना उन देशों में शामिल हो गया है जिसके पास यह विशिष्ट क्षमता मौजूद है| मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल यानी एमआरएसएएम के सफल परीक्षण से भारत ने वायु युद्ध प्रतिरोधक क्षमता में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। आपको बता दें कि यह मिसाइल 70 किलोमीटर के दायरे में आने वाली मिसाइलों, लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों, ड्रोन, निगरानी विमानों और अवाक्स (हवाई चेतावनी और नियंत्रण प्रणाली) को मार गिराने में सक्षम है| इतना ही नहीं यह मिसाइल हवा से एक साथ आने वाले कई दुश्मनों पर 360 डिग्री में घूमकर एकसाथ हमला करने में भी पूरी तरह सक्षम है|

इंडियन नेवी के पोत ‘कोच्चि ’और ‘चेन्नबई ’ ने पश्चिमी समुद्र तट पर इसका सफल परीक्षण किया| शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय ने इस सम्बन्ध में जारी अपने एक बयान में कहा कि एमआरएसएएम के सफल परीक्षण से भारतीय नौसेना ने अपनी वायु युद्ध प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी की दिशा में अहम कामयाबी हासिल की है। परीक्षण के दौरान विभिन्नस हवाई टारगेट को भी इंटरसेप्ट किया गया|

मालूम हो कि भारतीय नौसेना के लिए इस मिसाइल को डीआरडीओ ने इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर विकसित किया है| जबकि भारत डायनामिक्स लिमिटेड ने एमआरएसएएम का निर्माण किया है। जमीन से हवा में मार करने वाले इन मिसाइलों को भविष्य में भारतीय नौसेना के सभी प्रमुख युद्धपोतों पर तैनात किया जा सकता है| साथ ही इसे कोलकाता क्लास के विध्वंसक युद्धपोत में भी लगाया जा सकता है| इस बात की पुष्टि खुद मंत्रालय ने भी की है|