आतंक के मददगार देशों पर भी हो कठोर कार्यवाही- मोदी

ब्रिक्स समिट में पीएम मोदी ने एक बार फिर से अपने दुश्मनों पर वॉर किया तो मौजूदा कोरोना काल में किस तरह से भारत विश्व की सहायता कर रहा है और अपने आपको मजबूत बना रहा है, इस बारे में भी सबको बताया। इसके साथ साथ पीएम मोदी इस मंच से भी UN  में बदलाव की बात कही जिससे आने वाले दिनो में भारत का क्या रूख रहने वाला है साफ हो चुका है।

 

आतंकवाद पर मोदी का करारा हमला

वैसे तो पाकिस्तान की हकीकत आज दुनिया के सामने आ चुकी है कि पाक ही एक ऐसा मुल्क है जहां आतंकवादियों को शरण दी जाती है तो समूचे विश्व में आतंक फैलाया जाता है। ऐसे में ब्रिक्स समिट में पीएम नरेंद्र मोदी ने साफ-सीधी बात की उन्होंने दो टूक कहा कि आतंकवाद और आतंकवाद के समर्थक मुल्कों का विरोध होना चाहिए। पीएम मोदी ने इस दौरान आतंकवाद को दुनिया की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए नाम लिए बिना पाकिस्तान पर निशाना साधापीएम मोदी ने कहा, ”आतंकवाद आज विश्व के सामने सबसे बड़ी समस्या है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आतंकवादियों को समर्थन और सहायता देने वाले देशों को भी दोषी ठहराया जाए, और इस समस्या का संगठित तरीके से मुकाबला किया जाना चाहिए।

कई विषयों पर बोले पीएम मोदी

”ग्लोबल स्टैबिलिटी, शेयर्ड सिक्यॉरिटी एंड इनोवेटिव ग्रोथ” थीम पर आयोजित ब्रिक्स समिट में पीएम ने एक तरफ आतंक पर करारा प्रहार किया तो कोरोना काल में भारत कैसे मानवता के लिये कुछ अच्छा कर सके इसपर भी चर्चा का। पीएम मोदी ने अपने साथियों को साफ तौर पर बताया कि कैसे उन्होने दुनिया की 42 फीसदी आबादी को कोरोना बिमारी से बचाया। तो देश की आर्थिक मोर्चे को मजबूत कैसे किया इसकी भी जानकारी दी। उन्होने बताया कि कोरोना काल में मनवता की रक्षा के लिये भारत ने 150 देशों में दवा पहुंचाई और आज भी भारत समूचे विश्व से ये बीमारी खत्म करने के लिए वैक्सीन की तैयारी में तेजी से जुटा हुआ है। आत्मनिर्भर भारत को भी पीएम मोदी ने सबके  सामने रखा और बताया कि ”हमने ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत एक व्यापक सुधार प्रक्रिया को शुरू किया है। भारत ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत एक व्यापक बदलाव की प्रक्रिया शुरू की है। यह अभियान इस विश्वास पर आधारित है कि एक आत्मनिर्भर भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए मददगार साबित हो सकता है।

कई वैश्विक संगठनों के सुधार पर जोर

पीएम मोदी ने ब्रिक्स में संयुक्त राष्ट्र संघ, विश्व व्यापार संगठन और विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की कवायद पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, यह एक बड़ी समस्या है। इसकी वजह है कि समय के साथ इनमें बदलाव नहीं आया। पीएम मोदी ने कहा कि ये संस्थान अभी भी 75 साल पुरानी सोच पर हैं। भारतीय सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता है इसमें हमें ब्रिक्स साथियों के सहयोग की जरूरत है। यहां ये भी बताते कि पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ के अपने भाषण में भी पीएम मोदी ने इस संगठन में नई सोच के साथ सुधार की बात कही थी जिसपर दुनिया ने सहमति जताई थी।

पीएम मोदी ने इस मंच का उपयोग भी नये भारत की तस्वीर पेश करते हुए दिखाई जो ये बता रहा था कि आने वाले दिनो में भारत दुनिया की एक उभरती हुई शक्ति होगी जिसके बिना दुनिया मानवता की रक्षा नही कर सकती।

Leave a Reply