सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: दिल्ली पुलिस

उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा से जुड़ी तमाम तरह के पोस्ट और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमे से कुछ पोस्ट भड़काने वाले और कुछ अफवाह फैलाने वालें भी होते है, इस तरह के पोस्ट और विडियो को लेकर दिल्ली पुलिस ने अब ट्वीट कर जानकारी दी है कि सांप्रदायिक तनाव को भड़काने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करना कानून के तहत अपराध है।

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली के कुछ इलाकों में पत्थपरबाज़ी, आगजनी और सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने की घटनाओं के बाद सांप्रदायिक तनाव भडकाने के लिए सोशल मीडिया पर घृणा फैलाने वाली काफी सामग्री अनुचित डाली और प्रसारित की जा रही है जो कानूनन अपराध है। उसने कहा है कि सोशल मीडिया पर वह लगातार नजर रखे हुए है और ऐसी हरकतों में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कारवाई की जाएगी। लोगों को सलाह दी गयी है कि वे ऐसी कोई सामग्री सोशल मीडिया पर ना डालें और अगर घृणा फैलाने वाली ऐसी सामग्री पाते हैं तो दिल्ली पुलिस की साइबर हेल्पललाइन नंबर- 1 5 5 2 6 0 पर सूचित करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत कर सकते हैं।

दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस.एन. श्रीवास्तव ने कहा है कि इलाके के लोग भी अमन चैन से रहना चाहते हैं। जो हमारे अफसरों ने बढ़चढ़कर के आगे जाकर के लोगों से बातचीत की है उससे हमें यही मिला कि सभी अमन चैन चाहते हैं। अब तक हम सौ से ज़्यादा केसेज़, जो राइट्स, मर्डर्स के केस हमने रजिस्टर्ड कर लिया है।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कहा था कि अगर किसी व्यक्ति के पास हिंसा से जुड़ी किसी तरह का वीडियो हो तो वे दिल्ली पुलिस से शेयर करे ताकि जांच में मदद मिल सके। साथ ही दिल्ली पुलिस के पीआरओ एमएस रंधावा ने एक प्रेस ब्रीफिंग आयोजित कर दिल्ली के लोगों से अपील की थी कि वे सोशल मीडिया पर नकली वीडियो को नहीं मानें।

बता दें कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में 24 और 25 फरवरी को हुई हिंसा में अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घायल हैं।