विकास के साथ साथ पाकिस्तान को सबक सिखाने की बनाई गई रणनीति

पुलवामा मे हुए फिदायीन हमले के बाद देश का हर शख्स इस वक्त काफी गुस्से में है और जैसा पीएम ने कहा कि सब का खून खौल रहा है। सब यही चाहते है कि अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान से अब आर पार की बात होनी चाहिये यानी की जंग करके पाकिस्तान का नामो निशान इस धरती से खत्म कर देना चाहिये लेकिन क्या आप को पता है कि पाकिस्तान भी यही सोच रखता है क्यों चलिये हम बताते है.

 

एक ओर पाकिस्तान की आर्थिक हालत ऐसी है कि वो समूचे विश्व मे भीखारियों की तरह भीख मांग रहा है और उसके यहां अगर विकास की बात करे तो न के बराबर है। जबकि दूसरी तरफ मोदी सरकार के कार्यकाल मे भारत विकास के हर नये आयाम को छू रहा है. मसलन जैसे नये नये ब्रिज बन रहे है, सड़को का ऐसा जाल आज भारत मे फैल गया है कि चंद घंटो मे हम हर जगह पहुंच जाते है, आर्थिक स्थिति हमारे देश की ऐसी है कि हम आज विश्व के 6 नबंर की अर्थ व्यवस्था बनकर उभरे है, वही दुश्मन देश की बात करे तो ट्रेन हो या सड़क हर जगह बदहाली ही दिखती है। इसीलिये पाकिस्तान के आका हमसे जलते है और इस तरह की कायर पूर्ण घटना करवाते है कि भारत विकास का रास्ता छोड़ जंग के रास्ते चल दे जिससे उसका विकास बाधित हो जाये।

पाक से वापस लिया गया MFN दर्जा

पाकिस्तान आज उस हद तक उतर आया है कि हम तो डूबे है सनम पर तुम्हे भी डूबा कर रहेगे कि बात करता है। लेकिन जिस तरह से मोदी सरकार ने पाकिस्तान को जवाब दिया है उससे उनके मनसूबे पर पानी फेर दिया है। भारत ने तय कर लिया है कि वो पाकिस्तान को समूचे विश्व मे और नंगा करेगा। साथ ही साथ भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया है। इस दर्जे को वापस लेने के बाद पाकिस्तान की माली हालत और खराब होगी क्योकि भारत अब पाकिस्तान के साथ कई तरह का व्यवसाय बंद कर देगा। जिससे उसके देश की बजारो मे महंगाई की आग लग जायेगी और पाकिस्तान सरकार के होश उड़ जायेगे। इससे एक तरह से युध्द लड़े बिना ही पाकिस्तान की हालत पस्त हो जायेगी।

पाकिस्तान अपने मनसूबे मे भी कामयाब नही होगा। यानी की पाकिस्तान को हम खत्म जरूर करेगें लेकिन विकास को रोककर नही बल्कि विकास करते हुए एक तरफ हम हाई स्पीड ट्रेन चलायेगे तो दूसरी तरफ पाकिस्तान को इतना लचार कर देगे कि वो एक एक रोटी के लिए महोताज हो जाये और आतंकियों के साथ सहायता न दे । यही कारण रहा कि प्रधानमंत्री ने सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए लेकिन जो कार्यक्रम विकास से जुड़े थे उन्हें नहीं रोका और वहाँ से दुनिया को आतंक के खिलाफ भारत की लड़ाई का सन्देश दे गए.

विकास के साथ सेना को मिली छूट:

भारत बढ़ता भी रहेगा और दुश्मनों को बर्बाद भी करता रहेगा. जी हाँ, नीति का अगला हिस्सा यही है. तभी तो सेना को छूट दी गयी अपने अनुसार जगह, समय और तरीका चुक कर अपने साथियों के बलिदान का बदला लेने के लिए. दुश्मनों के नापाक इरादों को तोड़ने का यह नीति बिलकुल अलग है. पाकिस्तान का यह मंसूबा कामयाब नहीं होगा कि मातम में देश पीछे चला जाए. अब मातम वो मनाएंगे हम विकास की गाडी पर सवार हो उनकी हेकड़ी को तोड़ेंगे. तभी तो घटना के तुरंत बाद देश के सर्वोच्च रक्षा समिति की बैठक होती है और सेना को अपना दमखम दिखाने की छूट दी जाती है.

 

 

भीखमंगा पाकिस्तान एक तरफ भूखे मरेगा दूसरी तरफ हमारे जवान उन्हें ऐसी मौत देंगे जिस से देश उबार नहीं पायेगा. भारत की यह नीति का दुनिया का जिस कदर समर्थन मिल रहा है, उसमें कोई शक नहीं कि हम होंगे कामयाब.