गलवान घाटी में ड्रैगन के धोखे की कहानी

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

आखिर चालबाज चीन एक बार फिर बता दिया कि वो किसी का भी सगा नही है। गलवान घाटी में आखिर सोमवार को जो हुआ इस बारे में जो खबर छन छन के आ रही है उससे पता चलता है कि चीन कितना बड़ा मक्कार है।

चीनी जवानों का ये फुल प्लान हमला था

धोखेबाज चीन ने सोमवार रात निहत्थे भारतीय सैनिकों पर गलवान घाटी में पूरी योजना के साथ हमला किया था। लोहे के रॉड और नुकीले डंडों से लैस चीन के कातिल जवानों ने 16 बिहार रेजीमेंट के जवानों के पर प्रहार किया, जिसमें कमांडिंग अफसर कर्नल संतोष बाबू समेत 20 जवान शहीद हो गए। इस संघर्ष में चीन के 40 सैनिकों के मारे जाने की भी खबर है। साथ ही उनका एक कमांडिंग ऑफिसर भी मारा गया है। सेना के कुछ सूत्र से पता चला है कि  कातिल चीनी सैनिकों ने पहाड़ों की ओट लिए निहत्थे सैनिकों को ढूंढकर उनपर हमले किए। चीन के अचानक हुए हमले से हैरान भारतीय जवानों ने उनका डटकर मुकाबला किया। गुत्थमगुत्था हुए कुछ जवान पहाड़ की ओट तक जा पहुंचे, जिससे वे नीचे गिर गए उनके साथ चीनी जवान भी नीचे गिए।

पेट्रोल पॉइंट 14 में जिद पर अड़ा चीन

बताया ये भी जा रहा है कि झड़प पेट्रोल पॉइट 14 को लेकर हुई क्योंकि कर्नल संतोष बाबू ने चीनी सेना को पेट्रोल पॉइंट 14 के करीब बनाए गए अस्थायी टेंट को हटाने को कहा था। चुशूल में दोनों देशों के जनरलों के बीच हुई बैठक में इस इलाके को खाली करने पर सहमति बनी थी। लेकिन बावजूद इसके चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा के भीतर पेट्रोल पॉइंट 14 के करीब एक अस्थायी टेंट बना लिया। सैनिकों को इस टेंट को हटाने के निर्देश दिए गए थे।

 चीन ने टेंट खाली करने से इनकार किया

चीनी सेना ने इस टेंट को खाली करने से मना कर दिया और रविवार को पथराव की घटना हुई। चीन की सेना भारत को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराने लगी। फिर सोमवार रात दोनों देशों के सेनाओं के बीच खूनी संघर्ष हुआ। सूत्रों ने बताया कि ऊंचाई पर पॉइंट 14 पर मौजूद चीनी सैनिकों ने बड़े-बड़े पत्थरों को भारतीय पोजीशन की तरफ फेंका। कई भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों का बहादुरी से सामना किया।

चीन के 40 सैनिकों की हुई मौत

भारतीय सैन्य अधिकारियों ने बताया कि चीनी सैनिकों ने बड़ी संख्या में भारतीय जवानों का शव सोमवार सुबह सौंपे। इस खूनी संघर्ष में कितने चीनी सैनिक मारे गए हैं इस बारे में चीन के तरफ से कुछ नहीं बताया गया है। लेकिन भारतीय सेना ने दावा किया है कि उन्होंने चीनी सेना की बातचीत सुनी है और चीन के 40 सैनिक मारे गए हो सकते हैं।

बहरहाल जिस का डर था वही हुआ ड्रैगन की चालबाजी के चलते खूनी संघर्ष सीमा पर शुरू हो गया है। लेकिन भारत की सेना ने साफ कर दिया है कि चीन जिस भाषा में जवाब चाहता है उसे उसी भाषा में जवाब दिया जायेगा। वहीं दूसरी तरफ सरकार ने भी सेना के हाथ पूरी तरह से खोल दिये हैं। जिससे ये लगता है कि भारत का अब यही रूख है कि वो ईट का जवाब पत्थर से देगा ।


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •