CAA विरोध पर खुलासा – लखनऊ प्रदर्शन में कश्मीर से आये थे पत्थरबाज

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उत्तरप्रदेश में नागरिकता सुधार क़ानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन और पत्थरबाजी की घटनाएं हुई थी| पुलिस द्वारा की गयी गिरफ्तारियों के बाद हुई जाँच और पूछताछ में ये सामने आया कि, लखनऊ में CAA विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के लिए कश्मीर से पत्थरबाजी में एक्सपर्ट लोगों को बुलाया गया था|

पीएफआई द्वारा पत्थरबाजों के लिए बकायदा इंतजाम

यूपी में सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा फैलाने की तैयारी में जुटे पीएफआई ने दूसरे राज्यों के लोगों को भी बुलाया था। जामिया मिल्लिया में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद ही लखनऊ में भी ऐसा ही धरना करने का खाका खींचा जा चुका था। इसके लिए अन्य राज्यों के साथ ही कश्मीर से भी सेना पर पत्थरबाजी करने में माहिर लोगों को भी बुलाया गया था।

गिरफ्तार लोगों से पूछताछ में हुआ खुलासा

CAA विरोध प्रदर्शन के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि उन्हें पुराने लखनऊ व कई हॉस्टल में ठहराया गया था। साथ ही उन्हें हजरतगंज तक पहुंचने और हिंसा फैलाने के बाद वहां से वापस निकलने के रास्तों की जानकारी भी पीएफआई के पदाधिकारियों ने दी थी।

नुकसान की भरपाई करने की कवायद शुरू

लखनऊ में CAA विरोध में हुई हिंसा, आगजनी, और तोड़फोड़ करने वालों से नुकसान की भरपाई करने की तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस ने आगजनी और तोड़फोड़ में लिप्त करीब सौ चेहरों की पहचान की है। इनको प्रशासन की ओर से सरकारी सम्पत्ति के नुकसान की भरपाई का नोटिस थमाए जाने की तैयारी है।

अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक व निजी सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान पुलिस रिपोर्ट के आधार पर होगी। राजस्व, पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा क्षति का मुल्यांकन किया जाएगा, जिसे आरोपियों में बांटा जाएगा। संबंधित क्षेत्र के नामित प्राधिकारी अपनी कोर्ट से आरोपी को नोटिस देंगे। इस नोटिस के एवज में अगर जवाब या पेनाल्टी नहीं जमा हुई तो नुकसान की वसूली आरोपी से भू राजस्व (कुर्की) की तरह की जाएगी। सम्पत्तियों की नीलामी भी की जा सकती है।

ये देश की विडंबना या फिर भटके हुए युवाओं की बदनसीबी ही है कि देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के लिए पत्थरबाजी को हुनर के तौर पर दर्शा कर अलगाववादी तत्त्व अपनी रोटियाँ सेंक रहे हैं| मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश प्रशासन और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जिस प्रकार से ऐसी घटनाओं पर रोक लगायी वो तारीफ के काबिल है|


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