स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ने रोजाना देखने पहुंच रहे पर्यटकों की संख्या में दी मात

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अपने उद्घाटन के कुछ ही समय के बाद स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी ने सबका बहुत ध्यान आकर्षित किया और अब यह दुनिया के सबसे अधिक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षणों में से एक बन गया है।

सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के अनावरण हुए एक साल से ऊपर हो चूका हैं। जब से सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा आम लोगों के देखने के लिए खोली गई तब से पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रही है। बता दें कि प्रधानमंत्री ने स्टैचू ऑफ यूनिटी का 31 अक्टूबर, 2018 अनावरण किया है। इसके बाद पर्यटकों के लिए 1 नवंबर इसे देखने खोल दिया गया था।

अपने अनावरण के साल भर बाद ही स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को प्रतिदिन देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या अमेरिका के 133 साल पुराने स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के पर्यटकों से अधिक हो गई है। गुजरात स्थित इस स्मारक को देखने औसतन 15000 से अधिक पर्यटक रोज पहुँच रहे हैं।

सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड ने एक बयान में कहा है, “अपने दूसरे साल के पहले महीने में पर्यटकों की संख्या औसतन 15036 पर्यटक प्रतिदिन हो गई है।” बयान में कहा गया, “सप्ताहांत के दिनों में यह 22,430 हो गई है। अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को देखने रोजाना 10000 पर्यटक पहुँचते हैं।” स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊँची प्रतिमा है। यह दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा है।

सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड के बयान में कहा गया है कि इस स्मारक के पर्यटकों की संख्या में वृद्धि का श्रेय जंगल सफारी, बच्चों के न्यूट्रीशन पार्क, कैक्टस गार्डन, बटरफ्लाई गार्डन, एकता नर्सरी, नदी राफ्टिंग, बोटिंग आदि जैसे नये पर्यटक आकर्षणों को भी दिया है। निगम ने बताया कि इस साल 30 नवंबर तक केवडिया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने 30,90,723 पर्यटक पहुँचे, जिससे कुल 85.57 करोड़ रुपए की आय हुई है।

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गौरतलब है कि 182 मीटर ऊँची यह मूर्ति भारत के पहले उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है। यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान की सराहना करता है और आगंतुकों को सरदार पटेल के विचारों, देशभक्ति, एकता, सुशासन और समावेशी विकास के लिए प्रेरित करता है। यह प्रतिमा नर्मदा नदी से घिरी साधु बेट आइलेट के ऊपर एक तारे के आकार के मंच पर खड़ी है। लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड द्वारा निर्मित, स्टैचू ऑफ यूनिटी में एक स्टील फ्रेम है जो ऊर्ध्वाधर कोर द्वारा समर्थित लगभग 6,500 कांस्य पैनलों के साथ कवर किया गया है। भारतीय मूर्तिकार राम वी सुतार ने इसका डिजायन तैयार किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर, 2018 को उसका अनावरण किया था और वादा किया था कि वो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देश-विदेश के पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बना देंगे और उन्होंने ये वादा पूरा कर दिखाया। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास के पूरे इलाके को एलईडी लाइट्स से रोशन किया गया है। करीब साढ़े तीन करोड़ एलईडी लाइट्स से सरदार पटेल की मूर्ति के आसपास के सभी टूरिस्ट स्पॉट्स को सतरंगी रोशनी से जगमग किया गया है।

आपको आश्चर्य होगा कि यह अमेरिका की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी दोगुनी ऊँची है। शायद यही वो खास खूबियां हैं, जो हर दिन हजारों पर्यटकों को अपनी ओर खींच रही हैं।

 


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