केंद्र सरकार का खरा एलान – मोटर व्हीकल एक्ट 2019 का पालन नहीं करने पर राष्ट्रपति शासन

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए नए जनकल्याणकारी कानूनों के ऊपर कुछ राज्य सरकारों द्वारा आपत्ति और उसे अपने राज्य में लागू न करने की जिद के ऊपर केंद्र सरकार ने अब कड़ा रुख अपनाया है| इसकी शुरुआत हुई है, मोटर व्हीकल एक्ट 2019 से|

केंद्र सरकार ने जारी किया एडवाइजरी

केंद्र सरकार ने साफ़-साफ़ शब्दों में राज्यों को चेतावनी दी है और कहा है कि, “नए मोटर वीइकल ऐक्ट का जिन राज्यों में पालन नहीं किया जा रहा है, वहां राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।“ केंद्र द्वारा जारी किये गए एडवाइजरी में कहा गया है कि “ये कानून संसद द्वारा मंजूर किया गया है और राज्य सरकारें इसमें दिए गए जुर्माने को कम करने के लिए कोई दूसरा कानून नहीं ला सकती हैं।“

केंद्र के अनुसार अगर कोई राज्य इसके लिए कानून बनता भी है तो उन्हें इसके अनुपालन से पूर्व राष्ट्रपति से मंजूरी लेनी होगी। अडवाइजरी में अटॉर्नी जनरल की राय भी शामिल है जिसके अनुसार इन निर्देशों का उल्लंघन करने पर संविधान के अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल हो सकता है, जो राष्ट्रपति शासन से संबंधित है।

Motor Vehicle Act - Modi government's plan
Motor Vehicle Act – Modi government’s plan

मोटर व्हीकल एक्ट 2019 की वर्तमान स्थिति

बता दें कि छत्तीसगढ़, केरल, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब के अलावा पश्चिम बंगाल में नया मोटर व्हीकल एक्ट 2019 लागू नहीं किया गया|

गुजरात और उत्तराखंड सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए मोटर व्हीकल एक्ट 2019 में निर्धारित किये गए जुर्माने की राशि में कटौती की थी। जबकि उत्तर प्रदेश में अभी भी पुरानी दरों से ही जुर्माना वसूला जा रहा है।

सहूलियत के लिए इ-चालान भरने का भी प्रावधान

उल्लेखनीय है कि नए मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद भारी तादाद में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के रोजाना चालान किया जा रहा है। ऐसे में जाने-अंजाने यातायात नियमों का उल्लंघन होने पर नागरिकों की सुविधा के लिए ई-चालान का प्रावधान भी किया गया है। पेटीएम के जरिये ऑन द स्पॉट चालान भरा जा सकता है|