संसद के दोनों सदनों से पास हुआ एसपीजी कानून, अब यह सुरक्षा केवल प्रधानमंत्री को मिलेगी

SPG law passed by both houses of parliament

संसद ने विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) कानून में संशोधन करने संबंधी एक विधेयक को मंगलवार को मंजूरी दे दी तथा सरकार ने स्पष्ट किया कि यह संशोधन राजनीतिक प्रतिशोध के चलते किसी परिवार को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है बल्कि इससे प्रधानमंत्री सुरक्षा को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। आज शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा ने विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) अधिनियम संशोधन विधेयक को चर्चा के बाद ध्वनि मत से मंजूरी दे दी। लोकसभा से पहले ही 27 नवंबर को यह विधेयक पारित हो चुकी है।

Gandhi Family

उच्च सदन में विधेयक पर हुयी चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस सहित विपक्षी सदस्यों की उन चिंताओं को बेबुनियाद बताया जिसमें कहा गया था कि गांधी परिवार की सुरक्षा के संबंध में राजनीति के तहत काम किया गया है। अमित शाह ने कहा कि एसपीजी एक्ट में यह 5वां संशोधन है। यह विधेयक गांधी परिवार को ध्यान में रखकर नहीं लाया गया है, लेकिन एक बात जो मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं, वह यह है कि पिछले 4 संशोधन केवल एक परिवार को ध्यान में रखकर किए गए थे।शाह ने कहा, ‘ऐसी भी बात देश के सामने लाई गई कि गांधी परिवार की सरकार को चिंता नहीं है। हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि सुरक्षा हटाई नहीं गई है। सुरक्षा बदली गई है। उन्हें जेड प्लस सीआरपीएफ कवर, एएसएल और एम्बुलेंस के साथ सुरक्षा दी गई है।’ गृह मंत्री के जवाब से असंतोष जताते हुए कांग्रेस, वाम और द्रमुक के सदस्यों ने सदन से वाक आउट किया।

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अमित शाह ने कहा एसपीजी सिर्फ प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए काम करती है। अब जो लोग प्रधानमंत्री नहीं है उनको अब भी प्रधानमंत्री वाली सुरक्षा चाहिए, ऐसा नहीं होता है। उन्होंकने कहा कि इस देश में किसी भी व्यक्ति को खतरा हो सकता है लेकिन हम हर किसी को तो एसपीजी नहीं दे सकते हैं। एसपीजी सुरक्षा सिर्फ देश के प्रधानमंत्री के लिए होना चाहिए।

अपने जवाब में अमित शाह ने कहा कि इस बिल से अगर किसी का नुकसान होगा तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का होगा क्योंकि 5 साल के बाद तो उनको भी एसपीजी सुरक्षा नहीं मिलेगी।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से एसपीजी नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं, जिसके कारण गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली गई है। जिसके बाद से इस मामले पर कांग्रेस की ओर से जबरदस्त हंगामा किया गया था। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी को अभी तक एसपीजी सुरक्षा मिलती थी लेकिन अब इनकी सुरक्षा सीआरपीएफ के हाथ में चली गई है। इससे पहले भी 1991, 1994, 1999 और 2003 में इस कानून में संशोधन हुए हैं।

बता दे कि इस बिल के अनुसार प्रावधान है कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार के सदस्य जो उनके साथ आधिकारिक निवास पर रह रहे हों, उन्हें ही पांच साल के लिए एसपीजी सुरक्षा प्रदान की जाएगी। ये सुरक्षा उस दिन से मिलेगी जिस दिन से प्रधानमंत्री अपना कार्यभार संभालेंगे।

अमित शाह ने कहा, ‘एसपीजी विधेयक का उद्देश्य विशेष सुरक्षा समूह को और अधिक कुशल बनाना है और इस काम में कोई उदासीनता नहीं बरती जाएगी।’