दुनियाभर मे कोरोना के कुछ अनोखे अस्पताल

कोरोना वायरस का प्रकोप पूरी दुनिया मे तेजी से बढ़ता जा रहा है। भारत में इसके संक्रमण का आंकड़ा 2000 से अधिक हो चुका है। अब तक 53 लोग कोरोना वायरस की वजह से जान भी गँवा चुके हैं । हालांकि, करीब 150 लोग सही होकर घर भी जा चुके हैं। 

दुनिया में तो स्थिति और भी भयावह है। अब तक 10 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 50 हजार से अधिक की मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि अस्पताल कम पड़ते दिख रहे हैं। ऐसे में ट्रेन से लेकर जहाज तक को क्वारंटाइन सेंटर बना दिया गया है।

पूरी दुनिया मे कैसे लोगों ने जरूरत पड़ने पर अलग अलग चीजों को अस्पताल मे बदला इसकी एक झलक :-

1. चीन मे 10 दिन में अस्पताल

कोरोना वायरस की शुरुआत चीन से हुई थी और चीन ने ही सबसे पहले क्वारंटीन के लिए 1500 बेड का बड़ा सा अस्पताल भी बनाया। चीन ने महज 10 दिन के अंदर ही ये अस्पताल बना लिया। दिन-रात काम कर के इस अस्पताल को बनाया गया था। बता दें कि 2003 में जब सार्स फैला था, तो मरीजों के लिए एक सप्ताह में उपचार केंद्र बनाया गया था।

2. ट्रेन बना क्वारंटीन सेंटर

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए रेलवे ने भी कमर कस ली है। ईस्‍ट-सेंट्रल रेलवे ने शुरुआत में 208 कोचों में क्वारंटीन/आइसोलेशन वॉर्ड बनाने की तैयारी की है। इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए यात्री कोचों को चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित क्वारंटीन/आइसोलेशन वॉर्ड के रूप में बदल दिया जाएगा। इन्‍हें जरूरत के हिसाब से तैनात किया जाएगा। पूर्व-मध्य रेलवे द्वारा कुल 208 यात्री कोच में कुल 1664 बेड यानि प्रति कोच 8 बर्थ उपलब्ध होंगे।

3. हवा में उड़ता हुआ आईसीयू

जर्मनी ने तो हवाई जहाज को ही उड़ता हुआ आईसीयू बना दिया है। इसके जरिए कोरोना के मरीजों को इटली से जर्मनी के अस्पतालों में ले जाया जा रहा है। बता दें कि इस प्लेन में कुल 44 बेड हैं, जिनमें से 16 आईसीयू का काम करते हैं। इस प्लेन में करीब 25 लोगों का मेडिकल स्टाफ है।

4. क्वारंटीन फैसिलिटी का काम कर रहे जहाज

पिछले दिनों डायमंड प्रिंसेज जहाज पर जब करीब साढ़े तीन हजार लोगों के क्वारंटीन की खबर सामने आई थी तो लोग थोड़ा हैरान हो गए थे। उसके बाद तो ऐसे कई मामले सामने आने लगे, जिसमें पानी के जहाज को ही क्वारंटीन फैसिलिटी बना दिया गया, क्योंकि उससे संक्रमण बाहर फैलने का भी खतरा है।

5. स्कूलों को बनाया जा रहा अस्पताल

कोरोना वायरस की वजह से सभी स्कूल फिलहाल बंद हैं। वहीं कोरोना वायरस तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में स्कूलों को भी क्वारंटीन की तरह इस्तेमाल करने पर विचार हो रहा है।