सरकार की योजनाओं से कुछ यूं संवर रहा है लोगों का जीवन

पिछले 7 सालों से सरकारी योजनाएं अब सिर्फ कागज तक ही सीमित नही रहती बल्कि जमीनी हकीकत में भी पूरी होती है। इसका उदाहरण जब सामने आता है जब खुद पीएम मोदी ऐसे लाभार्थियों से रूबरू होते है या फिर उनसे बाते करते हैं। इसी क्रम में पीएम मोदी ने कानपुर में कुछ लाभार्थियों से बात करी और जाना कि हकीकत में उनकी सरकार की योजनाओं का फायदा उन्हे मिल रहा है या नहीं।

तलाकशुदा फरजाना को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने किया मजबूत

फरजाना कानपुर के किदवईनगर की हैं। उन्होंने पीएम मोदी को बताया कि उनके पति ने चार साल पहले उन्हें तीन तलाक दे दिया था। अब वह एक छोटा फास्ट फूड जॉइंट चलाती हैं। लॉकडाउन के दौरान पीएम स्वनिधि योजना से लोन लेकर अब वह डोसा-इडली बेचती हैं। जब फरजाना ने यह कहते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ एक फोटो की दरख्वास्त की कि वह तस्वीर को अपनी दुकान में लगाएंगी तो पीएम मोदी ने मना नहीं किया और सिर पर हाथ रखकर फोटो खिजवाय। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते पीएम मोदी ने सहारनपुर की शबाना परवीन और उनकी 9 महीने की बेटी से प्रयागराज में मुलाकात की थी। उन्होंने परवीन से उनके बैंक सखी के कामकाज को लेकर बात की थी। पीएम मोदी की परवीन से बातचीत और उसकी 9 महीने की बेटी सिदरा के साथ खेलते हुए तस्वीर काफी वायरल हुई थी।

अब पैर छूने के दिन गये

इसी तरह जब एक लाभार्थी पीएम मोदी के पैर छूने के लिये झुका तो पीएम ने उससे बोला कि अब पैर छूने का समय चला गया है। इस दौरान पीएम मोदी ने लाभार्थी से आत्मनिर्भर बनने की बात करी और पूछा कि उसे लोन लेने में कोई दिक्कत तो नही आई। इस पर जवाब आया कि आज बैंक में जितने आराम से लोन मिलता है शायद ही कभी मिला करता होगा। इसी तरह पीएम मोदी ने कई और लाभार्थियो से बात किया और जाना कि सरकार की योजना देश के अन्तिम व्यक्ति तक पहुंच रही है या नही।

वैसे विरोधी कुछ भी बोले लेकिन हकीकत यही है कि बीते 7 सालो में सरकार की योजना जितनी गरीबों के करीब है उतनी आजादी से साल 2014 तक नहीं हुआ करती थी।