कोरोना को लेकर कुछ लोगों ने देश को बदनाम किया ये आंकड़े आपकी आंखे खोल देंगे

कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत ने पिछले कुछ हफ्तों में बेहद भयावह दौर देखा। लेकिन क्या हालाक इतने खराब थे या फिर स्थिति को बढ़ाचढ़ाकर दिखाया गया था। इस पर बहस छिड़ गई है क्योकि कई साक्ष्य ये साफ इसारा कर रहे है कि जो हालात भारत में बने थे कोरोना की पहली लहर से तो खराब थे लेकिन ऐसा नहीं कि दुनिया में भारत की स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो गई हो।

दुनिया को देखते हुए भारत में संक्रमण कम

कोरोना की दूसरी लहर की हैरान करने वाली तीव्रता के बावजूद भारत में संक्रमण दर कई विकसित देशों की तुलना में काफी कम है। ज्यादा आबादी के कारण भारत कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या के मामले में दुनिया में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर आ गया है, लेकिन हकीकत का दूसरा पहलू यह भी है कि भारत में अभी तक दो फीसद से कम जनसंख्या ही कोरोना से संक्रमित पाई गई है, वहीं अमेरिका में यह आंकड़ा 10 फीसद से भी ज्यादा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत में सोमवार तक कोरोना से कुल 2,49,65,463 लोग संक्रमित पाए गए थे। अमेरिका के बाद दुनिया में संक्रमितों की यह सबसे अधिक संख्या है। अमेरिका में कुल संक्रमितों की संख्या 3,37,15,951 है। तीसरे स्थान पर ब्राजील है, जहां 1,56, 27,475 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसी तरह फ्रांस में 58,77,787, तुर्की में 51,17,374 और रूस में 49,49,573 लोग संक्रमित हो चुके हैं। भारत में संक्रमितों की बड़ी संख्या के बावजूद प्रति 100 लोगों पर मामले काफी कम हैं।

भारत में 1.8 फीसद लोग संक्रमित पाए गए हैं। वहीं अमेरिका में 10.1 फीसद, ब्राजील में 7.3 फीसद, फ्रांस में नौ फीसद, तुर्की में छह फीसद, रूस में 3.4 फीसद, इटली में 7.4 फीसद, जर्मनी में 4.3 फीसद  अर्जेंटीना में 7.3 फीसद और कोलंबिया में 6.1 फीसद आबादी कोरोना से संक्रमित हो चुकी है। इशी तरह अगर मौत के ऑकड़े देखे तो वो भी दूसरे देशों की तुलना में काफी कम है लेकिन जैसा हमारे पीएम साफ बोल चुके है कि हमें एक एक जीवन की रक्षा करना है ऐसे में जितनो की मौत हुई है वो काफी पीड़ा देने वाली है।

देश की 98 फीसद आबादी अभी भी कोरोना माहामारी से दूर

स्वास्थ्य मंत्रालय कि माने तो दूसरी लहर की तीव्रता के बावजूद भारत की 98 फीसद से अधिक आबादी कोरोना संक्रमण से सुरक्षित है। जबकि विदेश के कुछ देश ऐसे है जहां कि ज्यादातर आबादी कोरोना से पीडित हो चुकी है ऐसे में अब हमें 98 फीसदी लोगों की कोरोना से रक्षा के लिए रणनीति बनानी होगी। इसके लिये वैक्सीनेशन देश में तेजी से होने की रणनीति बनाई गई है। साथ ही कोरोना को लेकर जो गाइडलाइन तैयार की गई है उसे देश की जनता को आगे भी मानते रहना चाहिये जिससे देश में तेजी से ठीक हो रहे हालात और बेहतर हो सके।

इन ऑकड़ो पर नजर डाले तो यही लगता है कि देश के हालात कोरोना की दूसरी लहर में इतने खराब नहीं हुए थे जितने दिखाये जा रहे थे और देश के भीतर एक पैनिक बनाया जा रहा था कि अब देश को नहीं बचाया जा सकता है। अब ऐसे माहौल से फायदा किसको होगा ये तो आप समझ ही गये होगे। ऐसे में कोरोना से जंग जीतने के लिये बिना अफवाह सरकार की बताई गाइडलाइन को मानकर हमें आगे बढ़ना है जिससे देश कोरोना को हरा सके।