किसानों के सहारे सियासी जड़ी बूटी खोजने में लगे कुछ लोग: मोदी

वैसे तो कृषि बिल पर पीएम मोदी लगातार किसानों से संवाद कर रहे है। लेकिन 3 ऐसे बड़े मौके आये जब सीधे सीधे पीएम मोदी ने संवाद किया। पहला मौका कच्छ के रण में उन्होने किसानों से खुद जाकर मुलाकात की तो दूसरा मौका मध्यप्रदेश के किसानों से सीधे रूबरू हुए और अब 8 करोड़ किसानों से सीधे बात करते हुए उन्होने किसान बिल को भ्रम तोड़ने की कोशिश की। आइये जानते है कि पीएम मोदी ने आखिर क्या बोला।

कुछ लोग किसानों के नाम पर राजनीति कर रहे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर निशाना साधा और कहा, ‘कुछ राजनीतिक दल जिन्हें देश की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से नकार दिया है, वो आज कुछ किसानों को गुमराह करके जो कुछ भी कर रहे हैं। उन सभी को बार-बार नम्रता पूर्वक सरकार की तरफ से अनेक प्रयासों के बावजूद भी किसी न किसी राजनीतिक कारण से ये चर्चा नहीं होने दे रहे हैं।’ पीएम ने साफ किया कि ये बिल पूरी तरह से किसान हितो को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अपने संबोधन के दौरान पीएम ने केरल के APMC मंडियो का जिक्र किया और बताया कि वहां कोई APMC मंडी नहीं है। उन्होंने कहा दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मैं इन दलों से पूछता हूं कि यहां फोटो निकालने के कार्यक्रम करते हो, जरा केरल में आंदोलन करके वहां तो APMC चालू करवाओं। पंजाब के किसानों को गुमराह करने के लिए आपके पास समय है, केरल में यह व्यवस्था शुरू कराने के लिए आपके पास समय नहीं है। क्यों आप लोग दोगली नीति लेकर चल रहे हो?’

कुछ लोग कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग पर फैला रहे भ्रम

पीएम मोदी ने सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश के किसान से बात की। इस दौरान पीएम ने पूछा कि आप किसान सम्मान निधि योजना का पैसा कहां इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद उन्होने  बताया कि वह अपने पैसों का इस्तेमाल ऑर्गेनिक फार्मिंग में करते हैं। उन्होंने बताया कि मेरे साथ 446 किसान जुड़े है और हम आर्गेनिक अदरक उगाते हैं। हमने फसल बैंगलुरु और दिल्ली की बाजार में बेचा। इसके बाद पीएम मोदी ने पूछा कि क्या खरीदार आपसे अदरक खरीदते है कि आपकी जमीन ही उठा कर ले जाते है। इसके बाद गगन ने कहा सर हमारी जमीन सुरक्षित है। फिर पीएम मोदी ने कहा कुछ लोग देश में अफवाह फैला रहे हैं कि जमीन छिन जाएगी। पीएम ने देश के किसानो को साफ कहा कि जमीन चली जायेगी ये एक तरह से केवल कोरी अफवाह ही है ऐसे में किसान भाई सरकार पर विश्वास रखे की ऐसा कुछ भी इस बिल में नही है बल्कि बिल में किसानों को ज्यादा अधिकार दिये गये है। मसलन फसल कैसी भी हो कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में किसान को तय दाम ही देने होगे इतना ही नही अगर फसल काफी अच्छी रहती है तो किसानों को बोनस के तौर पर भी कुछ रकम देना होगा। ऐसे में ये कैसे बोला जा सकता है कि ये बिल किसानों के अधिकार को कम करता है।

इसके साथ साथ पीएम मोदी ने देश के किसानों के खाते में 18000 करोड़ रूपये डालते हुए साफ किया कि कैसे उनकी सरकार की हर योजना से किसानों को फायदा हो रहा है। लेकिन इसके बावजूद भी किसानों की स्थित और बेहतर हो सके इसके लिए सरकार काम कर रही है और करती रहेगी।