वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का कुछ लोग उड़ा रहे मजाक

आज विश्व भारत की मदद कर रहा है तो ऐसे ही तो नही कर रहा होगा जब भारत ने कुछ रिश्ते ऐसे बनाये होगे तभी तो विश्व भारत को आगे आकर मदद करने में लगा है। वरना इस देश ने वो दौर भी देखा है जब भारत अनाज के लिये तड़प रहा था और कोई देश आज की तरह भारत के साथ खड़ा हो हालाकि जो लोगउस वक्त सत्ता में वो आज भारत का विश्व के साथ बना संबध देखकर थोड़ा भौचक्के है तभी तो अब कुछ नहीं तो इस पर भी तंज कस रहे है।

वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के चलते बना ये माहौल

जो लोग आज ये बोल रहे है कि भारत इतना कभी बेबस नहीं हुआ जब विश्व के इतने देशो को भारत की मदद करनी पड़ रही है। वो लोग ऐसा बोलने से पहले भारत का इतिहास जरूर उटाकर देखते तो उन्हे पता चलता कि आज दुनिया भारत को बिना मांगे मदद क्यो कर रही है क्योकि इसके पीछे मोदी जी की विदेश नीति वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना है जिसके चलते भारत आजतक सिर्फ दुनिया को देता ही आया है। फिर वो जलवायु परिवर्तन से बचने का उपाये हो या फिर कोरोना से बचने के लिये वैक्सीन हमेशा भारत विश्व हित को ध्यान में रखकर काम करता आया है जिसका परिणाम आज देखने को मिल रहा है। जब किसी भी विचारधारा के देश हो वो भारत की पुरजोर मदद में जुटे है।

आपदा का ये दौर तंज कसने के लिए नहीं

विपक्ष का काम सरकार पर तंज कसना या निशाना साधना होता है लेकिन आपदा के इस दौर में कुछ लोग सरकार पर निशाना साधने के लिये पहले हालात को खराब कर रहे है फिर मोदी सरकार पर हमला बोल रहे है ये बात साफ तौर पर अब दिखने लगी है तभी तोपीएम केयर्स फंड से दी गई वेंटिलेटर मशीनो को पहले से यूज नहीं किया गया और जब वो खराब हो गई तो अब केंद्र वेंटिलेटर नहीं दे रहा है पहले वैक्सीन को राज्यो ने खूब बर्बादी की अब जब सरकार बर्बादी न हो इस हिसाब से वैक्सीन दे रहा है तो सरकार पर वैक्सीन कम देने का आरोप लगाया जा रहा है जो ये साफ बताता है कि आकिर देश का विपक्ष सिर्फ मोदी को बदनाम करने में कितना गिर चुका है।

वैसे विपक्ष की बातो का अब देश की जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है क्योकि विपक्ष के हर आरोप जो झूठे निकलते है जिससे ये साफ हो जाता है कि तुम कितनी भी कोशिश सरकार को बदनाम करने की कर लो लेकिन जनता तुम्हारे बहकावे में नही फंसने वाली है।