चुनावी हलचल की कुछ हॉट सीटें / हरियाणा के कैथल से रणदीप सुरजेवाला हारे

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Assembly Election 2019 Charchit_Chehre

  • हरियाणा के कैथल सीट से भाजपा के लीला राम ने जीत दर्ज की है

  • सोनाली फोगाट हरियाणा के पूर्व सीएम कुलदीप बिश्नोई से हारीं

  • वर्ली में आदित्य के खिलाफ राकांपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी सुरेश माने चुनाव मैदान में उतरे हैं

हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के रुझान और परिणाम आने शुरू हो गए हैं। दोनों राज्यों में जिन सबसे ज्यादा चर्चित सीटों पर नजर थी। उसमें हरियाणा के कैथल सीट से कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला हार गए हैं। भाजपा के लीला राम ने वहां से जीत दर्ज की है। आदमपुर सीट से भाजपा की टिकट से उतरी टिकटॉक स्टार सोनाली फोगाट भी हार गईं हैं। यहां से पूर्व मुख्यमंत्री कुलदीप बिश्नोई जीत गए हैं। उधर, महाराष्ट्र की वर्ली से शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य आगे चल रहे हैं। उद्धव ठाकरे परिवार के पहले सदस्य हैं, जो शिवसेना के 53 साल के इतिहास में पहली बार चुनाव में उतरे हैं।

महाराष्ट्र

विधानसभा सीट कैंडिडेट चर्चा क्यों रुझान
वर्ली आदित्य ठाकरे (शिवसेना) शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे के बेटे। 53 के इतिहास में पहली बार ठाकरे परिवार का सदस्य चुनाव मैदान में उतरा। आगे
पर्ली पंकजा मुंडे (भाजपा) पंकजा के खिलाफ उनके चचेरे भाई धनंजय मुंडे राकांपा के टिकट पर मैदान में उतरे। 2014 में धनंजय को पंकजा से हार मिली थी। पीछे
नागपुर दक्षिण-पश्चिम देवेंद्र फडणवीस (भाजपा) मुख्यमंत्री की सीट है। फडणवीस यहां से 3 बार जीत चुके हैं। आगे
बारामती अजीत पवार (राकांपा) राकांपा चीफ शरद पवार के भतीजे। इस सीट से 6 बार चुनाव जीत चुके हैं।  जीते
भोकर
 
अशोक चव्हाण (कांग्रेस) अशोक 2008 से 2010 तक महाराष्ट्र के सीएम थे। उनके पिता शंकर राव चह्वाण भी 2 बार मुख्यमंत्री रहे। आगे
कराड दक्षिण पृथ्वीराज चह्वाण (कांग्रेस) 2010 से 2014 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे। यह सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है। 1962 से यहां कांग्रेस जीतती रही है। आगे
कणकवली नितीश राणे (भाजपा) राज्य में भाजपा-शिवसेना गठबंधन होने के बावजूद यहां राणे के खिलाफ शिवसेना ने अपना उम्मीदवार उतारा है। आगे

हरियाणा

विधानसभा सीट कैंडिडेट चर्चा क्यों रुझान
आदमपुर  सोनाली फोगाट (भाजपा) टिक-टॉक स्टार। टिकट मिलने के बाद गूगल पर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर से भी ज्यादा सर्च की गईं। मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी और भजन लाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई से। भजन लाल का परिवार इस सीट पर कभी नहीं हारा। हारीं
करनाल मनोहर लाल खट्टर (भाजपा) मुख्यमंत्री की सीट है। खट्टर के खिलाफ जजपा से तेज बहादुर यादव उतरे हैं। यादव ने 2019 लोकसभा चुनाव में वाराणसी सीट पर नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। लेकिन, उनका नामांकन रद्द हो गया था। आगे
गढ़ी सांपला किलोई भूपेंद्र सिंह हुड्डा (कांग्रेस) हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री। 2014 में भी इस सीट से जीते थे। कांग्रेस ने इस विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की कमान हुड्डा को सौंपी थी। आगे
उंचाना कला दुष्यंत चौटाला (जजपा) पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के पोते। चौटाला परिवार में विवाद के बाद 10 महीने पहले इनेलो छोड़कर जननायक जनता पार्टी बनाई। आगे
कैथल रणदीप सुरजेवाला (कांग्रेस) सुरजेवाला इस सीट से 4 बार के विधायक हैं। पिता शमशेर सिंह सुरजेवाला हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष और कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं। हारे
चरखी दादरी बबीता फोगाट (भाजपा) कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली महिला रेसलर बबीता पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। हरियाणा पुलिस की नौकरी छोड़कर राजनीति में आईं। पीछे

This story originally appeared on bhaskar.com

Image Courtesy: Dainik Bhaskar


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