मोदी राज में पुरानी से पुरानी जटिल समस्या का समाधान मुमकिन

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Solution to the oldest complex problem possible under Modi rule

भाजपा की स्थापना के समय पार्टी के तीन प्रमुख एजेंडे थे, जिसमें राममंदिर निर्माण और जम्मू कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द करना और समान नागरिक संहिता शामिल था। भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर वोट मांगा था जिसे मोदी सरकार ने दोबारा सत्ता में आते ही पूरा किया। अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि जीवन में कुछ बातें, समय के साथ इतनी घुल-मिल जाती हैं कि कई बार उन चीजों को स्थाई मान लिया जाता है। ये भाव आ जाता है कि, कुछ बदलेगा नहीं, ऐसे ही चलेगा। अनुच्छेद 370 के साथ भी ऐसा ही भाव था। लेकिन मोदी सरकार ने इस भाव को बदल दिया। उसके बाद पार्टी ने राम मंदिर निर्माण का जनता से जो वादा किया अब उसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूरा करने जा रही हैं।

गौरतलब है कि 9 नवंबर, 2019 का दिन ऐतिहासिक बन चुका है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की बेंच ने एकमत से रामलला के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया। बता दें कि अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के समाधान के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। मंदिर निर्माण को लेकर मोदी सरकार पर भी काफी दबाव था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह संविधान के दायरे में इस फैसले का समाधान चाहते हैं।

आज यह पार्टी जो कुछ भी है, इन्हीं मुद्दों की वजह से ही है। भाजपा की बुनियाद ही इन तीन मुद्दों के साथ ही खड़ी हुई थी। अब भाजपा का तीसरा प्रमुख एजेंडा बचा है वो है, कॉमन सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता। राममंदिर निर्माण करवाने के साथ ही भाजपा जनता से किया गया यह तीसरा वादा भी वह जल्द पूरा करेगी। जिसका इशारा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कर दिया है। उन्होंने अयोध्याे फैसला आने के बाद इसका समर्थन करते हुए कहा कि इसकी अब आवश्कता है। जब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से पत्रकारों ने समान आचार संहिता को लेकर सवाल पूछे तो बोले कि अब समय आ गया है। अयोध्या फैसले के बाद से ही भाजपा नेता और समर्थक समान नागरिक संहिता की बता करने लगे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार देश में समान आचार संहिता लागू करने की दिशा में लंबे समय से काम कर रही हैं। गौरतलब है कि इस संबंध में कुछ समय पूर्व मोदी सरकार ने विधि आयोग से देश में समान आचार संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) लागू करने की स्थिति में उसके निहितार्थों की जांच करने के लिए कहा था और रिपोर्ट भी मांगी थी। इस समय की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आजादी के बाद यह पहला मौका है जब किसी सरकार ने समान नागरिक संहिता पर विधि आयोग से उसकी राय मांगी थी।

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इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार आने के बाद देश में तीन तलाक से संबंधित समस्या का समाधान किया। करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच सहमति मोदी सरकार के दौरान ही बनी। वहीं जीएसटी को लागू करने को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद का अंत भी मोदी सरकार में ही हुआ। मोदी सरकार ने जहां नोटबंदी का साहसिक फैसला लेकर भ्रष्टाचार पर हमला किया, वहीं दो सर्जिकल स्ट्राइक कर दुनिया को बताया कि अब भारत बदल चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि मोदी राज में हर मुश्किल और जटिल समस्या का समाधान मुमकिन है।

 


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