सोशल मीडिया का गोलमाल

हमारी हिंदी फिल्मों में एक डॉयलाग खूब सुनने को मिलता है कि पैसे से हम कुछ भी खरीद सकते हैं और आज कुछ ऐसा हो भी रहा है। क्योंकि पैसे से लोग झूठे रिस्ते खरीद रहे हैं, भाई बहन खरीद रहे हैं और तो और अब पैसे के बल पर सोशल मीडिया में अपनी धाक दिखाने के लिये लोग अपने फालोअर्स भी खरीद रहे हैं। चौक गये होंगे आप, तो चलिये आपको बता देते हैं कि इस बात का खुलासा खुद मुबई पुलिस ने किया है।

फॉलोअर्स का बिजनेस

जिन बड़े-बड़े स्टार्स और सेलिब्रिटीज को आप फॉलो करते हैं, जिनकी बातें आपके मन पर गहरा प्रभाव डालती है अगर आपको पता चले कि  उनके फॉलोअर्स नकली और खरीदे हुए हैं तो आपको बहुत निराशा होगी। लेकिन ये सच है  इस घोटाले के तहत सोशल मीडिया के बड़े-बड़े प्रभावशाली लोग दूसरों पर अपना रौब डालने के लिए बड़ी संख्या में नकली फॉलोअर्स खरीद रहे थे महाराष्ट्र पुलिस ने इस घोटाले का पर्दाफाश करते हुए दावा किया है कि सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स से लेकर, लाइक्स, कमेंट्स, सब्सक्राइबर्स, रीट्वीट्स और व्यूज तक को खरीदा जा रहा है। यहां आपको बता दे कि पुलिस के अनुसार बॉलीवुड की एक सिंगर जिनका नाम है, भूमि त्रिवेदी की शिकायत पर जब पुलिस ने इस बारे में जांच कि तो पता चला कि इस तरह का बिजनेस भी खूब पनप रहा है। पुलिस की माने तो इसके लिये लाखो रूपये तक की डील होती है। क्योंकि इस तरीके से सोशल मीडिया में रातो  रात आप स्टार बन सकते हैं इसलिए कुछ लोग पैसा देकर ऐसा करना चाहते हैं जो किसी अपराध से कम नही है लेकिन अभी इसको लेकर कोई कानूनी फंदा नही बना है इसलिये इसको फोरजरी ही माना जाना चाहिए।

लोकप्रियता का अर्ध सत्य

लेकिन हैरानी की बात ये है कि ज्यादातर मामलों में ये नकली फॉलोअर्स इंसान नहीं बल्कि बोट्स होते हैं और जब ये आपको फॉलो करते हैं तो उसके बाद आप इन्हें फॉलो बैक नहीं कर सकते। इसके अलावा घोस्ट फॉलोअर्स का भी इस्तेमाल किया जाता है, ये वो सोशल मीडिया अकाउंट होते हैं जो लंबे समय से सक्रिय नहीं होते और इनका इस्तेमाल सिर्फ फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाने के लिए किया जाता है। इन्हीं नकली फॉलोअर्स  का इस्तेमाल करके फेक न्यूज फैलाई जाती है, लोगों को ट्रोल किया जाता है और दुष्प्रचार किया जाता है।

इसलिए अब आप समझ गए होंगे कि सोशल मीडिया पर जो आप देखते हैं, जिन्हें आप फॉलो करते हैं जिनकी बातों को आप लाइक करते हैं जिनके अकाउंट्स और यू ट्यूब चैनल्स को आप सब्सक्राइब करते हैं, उनमें से कई लोग आपको अपनी लोकप्रियता का अर्ध सत्य दिखा रहे होते हैं और आप इसी अर्ध सत्य को पूर्ण सत्य मानकर इस घोटाले का शिकार हो जाते हैं।