आइयें आपको बताते है, मोदी 2.0 के सिक्स मंथ में लगाये गए सिक्सर के बारे में

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Sixer of Modi 2.0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार विकास के पथ पर अग्रसर हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार देश को जटिल और पुरानी समस्याओं से भी निदान दिला रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर के कई विकास योजनाओं पर भी मोदी सरकार का विशेष ध्यान है। चाहे सड़क हो, रेल हो, हवाई मार्ग हो, जल मार्ग हो सभी के विकास के लिए मोदी सरकार लाखों करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम कर रही है।

भाजपा की स्थापना के समय पार्टी के तीन प्रमुख एजेंडे थे, जिसमें राममंदिर निर्माण और जम्मू कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द करना और समान नागरिक संहिता शामिल था। भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर वोट मांगा था जिसे मोदी सरकार ने दोबारा सत्ता में आते ही पूरा किया। अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि जीवन में कुछ बातें, समय के साथ इतनी घुल-मिल जाती हैं कि कई बार उन चीजों को स्थाई मान लिया जाता है। ये भाव आ जाता है कि, कुछ बदलेगा नहीं, ऐसे ही चलेगा। अनुच्छेद 370 के साथ भी ऐसा ही भाव था। लेकिन मोदी सरकार ने इस भाव को बदल दिया। उसके बाद पार्टी ने राम मंदिर निर्माण का जनता से जो वादा किया अब उसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूरा करने जा रही हैं।

मोदी सरकार अपने दुसरे कार्यकाल में तेज़ी से एक के बाद एक शॉर्ट्स लगाते जा रही है। आइए एक नजर डालते हैं मोदी 2.0 के सिक्स मंथ का सिक्सर पर –

तीन तलाक पास

TripleTalaq

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार आने के बाद देश में तीन तलाक से संबंधित समस्या का समाधान किया। सरकार के लगातार प्रयासों से मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019, जिसे हम तीन तलाक बिल के नाम से भी जानते है पारित हुआ और इसके साथ ही मुस्लिम महिलाओं के सर से तीन तलाक का डर भी ख़त्म हो गया | इस बिल का पारित होना भी सरकार के लिए किसी ऐतिहासिक सफलता से कम नहीं है |तीन तलाक के बिल को लेकर कानून मंत्री रवि शंकर प्रासद ने कहा की ये बिल न तो किसी जाती से जुड़ा है न ही किसी धर्मं से और न ही राजनीती से। ये बिल सिर्फ महिलाओ के सम्मान की रक्षा के लिए बनाया गया है। इस बिल के अंतर्गत तीन तलाक यानी तलाक-ए-बिद्दत को गैर कानूनी करार दिया जायेगा और इसके साथ ही इसे संज्ञेय अपराध मानने का प्रावधान भी है। यानी पुलिस बिना वारंट के आरोपी को गिरफ़्तार कर सकती है। तलाक-ए-बिद्दत के लिए दोषी पाए गए अपराधी को तीन साल की सजा का प्रावधान रखा गया है। महिला पक्ष की बातों को सुनकर मजिस्ट्रेट आरोपी को जमानत भी दे सकता है। इसके साथ ही पीडिता अगर समझौते की मांग करती है तो उसे अनुमति दी जाएगी और साथ ही पीडिता अपने गुज़ारा भत्ते की मांग भी कर सकती है।

धारा 370 खत्म

Article 370

सबको चौकाते हुए नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू और कश्मीर को विशेष स्वायत्तता का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को रद्द करने का फैसला किया। साथ ही साथ जम्मू और कश्मीर और लद्दाख को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का निर्णय लिया। 70 साल पुरानी जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली आर्टिकल 370 को ख़त्म करने का साहसिक फैसला लेने की हिम्मत पहले की किसी सरकार ने नहीं दिखाई। यह मोदी का ही सपना था की एक देश, एक विधान; जिसको पूरा करने के लिए जम्मू-कश्मीर राज्य को आर्टिकल 370 से मुक्त कर दिया गया।

राम मंदिर फैसला

Ram Mandir SC Verdict | PC - Web Dunia

9 नवंबर, 2019 का दिन ऐतिहासिक बन चुका है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की बेंच ने एकमत से रामलला के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया। बता दें कि अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के समाधान के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। मंदिर निर्माण को लेकर मोदी सरकार पर भी काफी दबाव था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह संविधान के दायरे में इस फैसले का समाधान चाहते हैं।

NRC बिल

सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है जो 13 दिसंबर तक चलेगा। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस सत्र में उनका लक्ष्य नागरिकता संशोधन विधेयक को पास कराना है। नागरिकता संशोधन विधेयक में प्रावधान है कि इच्छुक गैर मुस्लिम बांग्लादेशी, पाकिस्तानी और अफगानिस्तानी भारतीय नागरिकता पा सकेंगे। हालांकि विधेयक में इसे स्पष्ट नहीं किया गया है लेकिन इसके तहत ऐसा प्रावधान किया गया है कि इन देशों में अत्याचार सह रहे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई भारत की नागरिकता प्राप्त कर सकते हैं और इसमें मुस्लिम को शामिल नहीं किया गया है।

राफेल डील

भारतीय वायुसेना के लिए राफेल विमानों की सौगात बेहद अहम् है। देश की सियासत को गर्म करने वाले मुद्दों में से एक राफेल लड़ाकू विमान भारत को मिलना शुरू हो गयी है। 2016 में हुए करार के मुताबिक भारत कुल 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीद रहा है। तय समय सीमा के मुताबिक भारत को राफेल विमानों की पहली खेप फ्रांस से मिलना शुरू हो गयी हैं। 2022 तक सभी 36 विमानों के डिलीवरी की उम्मीद है।

उल्लेखनीय है की राफेल दुनिया के सर्वोत्तम लड़ाकू विमानों में से एक है। हवा से हवा में मार करने वाले अचूक METEOR मिसाइल से लैश राफेल एक बेहतरीन लड़ाकू विमान है। इसके आने से भारतीय वायु सेना की मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। राफेल विमानों को अम्बाला के एयरबेस में तैनात किया जायेगा|

दिल्ली में अवैध कॉलोनी हुआ वैध

Illigal Colonies in Delhi

केंद्र सरकार ने दिल्ली की अवैध 1797 अनधिकृत कॉलोनियों में रहने 40 लाख लोगों को बड़ा तोहफा देते हुए, उन्हें मालिकाना हक देने का ऐलान किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले के पीछे सरकार का सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का मंत्र है। सरकार के इस बड़े फैसले न सिर्फ आशियानों पर छाए अनिश्चितता और खौफ के बादल छटेंगे, बल्कि बेहतर टाउन प्लानिंग का रास्ता भी साफ हो गया है।

 


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