सादगी जो हमारे प्रधान को दूसरे राजनेताओं से अलग कतार में खड़ी करती है

वैसे तो पीएम मोदी की सादगी से देश और दुनिया पहले से ही अवगत है। पीएम मोदी हमेशा अपना काम खुद करने पर भरोसा रखते हैं ये कई बार देखने को मिला भी है। इसी क्रम में पीएम मोदी का एक नया अवतार आज उस वक्त दिखा जब पीएम मोदी खुद मानसून सत्र की शुरूआत में मीडिया से रबरू होते वक़्त खुद छाता पकड़कर आते हुए दिखे हालांकि कुछ लोगो ने इसे तस्वीर खिचाना बोला लेकिन हकीकत ये है कि पीएम इसी सादगी के साथ अपना काम करते आये हैं।

बारिश के वक्त खुद छाता पकड़कर मीडिया से रबरू हुए पीएम मोदी

हर बार की तरह इस बार भी संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले मीडिया को पीएम मोदी का इतंजार था। लेकिन बारिश के चलते लग रहा था कि शायद इस बार पीएम की बाइट ना हो सके। लेकिन जैसे ही पीएम संसद भवन पहुंचे तो उन्होंने खुद अपने हाथों में छाता थामा और मीडिया की तरफ बढ़ चले और मीडिया से रूबरू हुए साथ में बाइट भी दी। इस दौरान वे खुद अपनी छतरी संभाले हुए थे। जो ये दिखाता है कि सच में देश के प्रधानमंत्री देश के प्रधानसेवक हैं और वो इतने बड़े पद पर होते हुए भी जमीन से जुड़े हुए हैं, विनम्र हैं जो अपना जीवन बड़े ही सरल और सधारण आदमी की तरह जी रहे हैं। यानी कि किसी संत की तरह जो सिर्फ समाज को कुछ ना कुछ देता ही रहता है।

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इससे पहले भी दिख चुकी है पीएम मोदी की ऐसी छवि

वैसे ये पहला मौका नही था जब पीएम मोदी को देखकर लगा ही नहीं की वो 135 करोड़ भारतियों के प्रधान हैं। इससे पहले भी पीएम कई बार ये बता चुके हैं कि वो कितने बड़े पद पर क्यों ना हों लेकिन वो भी एक आम इंसान ही हैं। आपको याद होगा जब पीएम साउथ इंडिया में चीन के राष्ट्रपति के साथ महाबलीपुरम में बैठक कर रहे थे तो सुबह संमदर के किनारे घूमने गये और जब उन्होने वहां समंदर के बीच पर कचरा देखा तो वो खुद ही उसे उठाने लगे। जो पीएम की सादगी को दर्शाता है। ऐसे तमाम मौके देखे गये हैं जब पीएम मोदी किसी किताब के विमोचन के वक्त जमीन पर गिरे कागज या रीबन को उठाते हुए दिखाई दिये, जो ये बताने के लिये काफी है कि पीएम मोदी की ये आदत है और वो ये सब सिर्फ सियासत के लिये नहीं करते हैं। खुद पीएम मोदी इस बाबत खुद बोल चुके हैं कि जैसे देश के दूसरे लोगों को काम मिला है ठीक उसी तरह से देशवासियों की सेवा का काम उन्हें मिला है और वो सिर्फ एक सेवक की तरह काम करते जा रहे हैं।

हालांकि पीएम मोदी पर ये आरोप बहुत बार लगे हैं कि वो सिर्फ फोटो खिंचचवाने के लिये ऐसा करते हैं लेकिन देश की जनता ये समझ चुकी है कि जो सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिये ऐसा करते थे वही बस पीएम मोदी पर ऐसे आरोप लगाते हैं। जो सिर्फ एक ओछी सियासत है और कुछ नहीं है।