पीएम मोदी की राष्ट्रभक्ति के कायल हुए सिख बुद्धिजीवी

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर सिख बुद्धिजीवियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सिख समाज की परेशानियों को जाना। उन्होंने पंजाब में ड्रग्स की समस्या से लेकर गुरु तेग बहादुर जी की शताब्दी के मौके पर किए जा रहे आयोजनों की तैयारी पर बात भी की और इसे खत्म करने के लिये लोगों से राय भी मांगी। इस बीच सिख बुद्धिजीवियों ने बताया कि पीएम सिख समुदाय की बहुत चिंता करते है।

पीएम करते हैं सिख समुदाय की बहुत चिंता

प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रो चरणजीत सिंह शाह ने कहा कि मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर जोर दिया कि धर्म जरूरी है, लेकिन उससे अधिक जरूरी देश की एकता है। राष्ट्रीय महिला आयोग की विशेषज्ञ पैनल की सदस्य डॉ. दमनजीत कौर संधू ने कहा कि पीएम के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। पंजाब में ड्रग्स की समस्या पर बात हुई। युवा ड्रग्स की लत के शिकार हो गए हैं, इनमें अच्छे परिवारों के बच्चे भी शामिल हैं। सेवानिवृत्त आईएएस केबीएस सिद्धू ने कहा कि जितना चिंतन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिख समुदाय के लिए करते हैं मैंने अपने 37 साल के सेवाकाल में ऐसा नहीं देखा। मैं समझता हूं कि हर सिख, हर पंजाबी और हर भारतीय को उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपने समाज, अपने प्रदेश और अपने देश के लिए काम करना चाहिए। हरमीत सिंह कालका ने कहा कि इस देश के इतिहास में ऐसा प्रधानमंत्री शायद ही मिले जो हर समुदाय को यह नहीं कि सिर्फ सिख समुदाय को साथ लेकर चलने की बात करता हो। उन्होंने खुद हमलोगों को आमंत्रित किया और बातें की। प्रधानमंत्री ने पिछले सात सालों में जो काम किया, खासतौर पर दिल्ली के सिखों के लिए जो एसआईटी बनाकर 1984 के कातिलों को अंदर किया, उसका दिल्ली के लोगों में बहुत सत्कार है।

पंजाब फैले नशे के कारोबार को मिलकर खत्म करना होगा

इस बीच पीएम मोदी ने आये हुए दल के साथ पंजाब राज्य की समस्या पर मंथन भी किया। पीएम मोदी ने पंजाब में फैले ड्रग्स को खत्म करने के लिये सभी को मिलकर प्रयास करने के लिये बोला। पंजाब से नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए जनता को जागरोक करने का भी आवाह्न किया। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने पंजाब के किसानों के बारे में चर्चा करते हुए साफ किया कि उनकी सरकार लगातार पंजाब के किसानों के लिए काम करती रहेगी जिससे उनकी आय में बढोत्तरी हो सके। गौरतलब है कि इससे पहले पीएम मोदी फरवरी माह में भी पंजाब से आये बुद्धिजीवियों से मुलाकात की थी।

पीएम मोदी से मिलकर आये जितने भी लोग थे वो बाहर आकर सिर्फ पीएम मोदी की विनम्रता की बात कर रहे थे या फिर पंजाब को एक बेहतर राज्य बनाने की जो ललक उनमे दिखी वो शायद किसी में हो।