मसूद के अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित होने पर ‘सामना’ ने लिखा- ‘मोदी है तो मुमकिन है’

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Saamana

कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधने वाली सामना ने आज उनकी जमकर तारीफ की है। सामना में यह भी लिखा है, ‘दाऊद, हाफिज और मसूद देश के अपराधी हैं। उनकी घेराबंदी हुई है। जल्द ही उन्हें घसीट कर लाया जाएगा।’

आपको बता दें की पिछले दिनों मसूद अज़हर को संयुक्त राष्ट्र ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर दिया है, और इसका सीधा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है| मसूद के आतंकवादी घोषित होने के बाद मोदी की देश विदेश में प्रशंसा हो रही है|

एक ओर जहाँ अब जम्मू कश्मीर में अमन शांति धीरे धीरे कायम हो रही है वही मसूद के अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित होने के बाद अब कश्मीरी पंडित शायद फिर से घाटी में लौट पाए| 

सामना का लेख:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कमाल कर दिया है। उन्होंने पहले पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर किया और अब पाकियों की मदद करने वाले चीन की दीवार तोड़ दी है। मोदी है तो मुमकिन है। उनके लिए कुछ भी असंभव नहीं है| यह बात मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करवाकर मोदी ने साबित कर दिया है। मसूद अजहर हिंदुस्तान का एक नंबर का दुश्मन है। वह पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद नामक आतंकवादी संगठन का मुखिया है।

कश्मीर की आतंकवादी गतिविधियों में तो वो शामिल है ही। साथ ही मुंबई के ‘26/11’ आतंकवादी हमले का सूत्रधार भी वही है। हिंदुस्तान के टुकड़े-टुकड़े करने का उसका सपना है और इसके लिए उसने कई साजिशें की हैं। पुलवामा के भीषण आतंकवादी हमले में भी इसी शैतान का हाथ था। उस हमले में हमारे 40 जवान शहीद हुए। ऊपर से इस हमले की जिम्मेदारी मसूद अजहर ने ली। फिर भी कांग्रेसी नेता और मोदी विरोधियों का आरोप ऐसा था कि पुलवामा हत्याकांड लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर कराया गया है। इस मामले में उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री पर फालतू आरोप लगाए थे। यह सारा मामला गलिच्छ राजनीति का है।

जैसे मसूद अजहर मोदी विरोधियों का दामाद है और इस दामाद को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराकर क्या हासिल हुआ? ऐसा सवाल कांग्रेस पूछे जो इस देश का दुर्भाग्य है। पाकिस्तान में आतंकवादी बनाने की फैक्ट्री है और मसूद अजहर उस फैक्ट्री का मुख्य संचालक। पुलवामा हमले के बाद कुछ ही दिनों में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने ‘संयुक्त राष्ट्र’ में अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव रखा था और सिर्फ चीन द्वारा विरोध किए जाने के कारण वह प्रस्ताव रद्द हो गया। चीन की नजर में मसूद अजहर आतंकवादी नहीं, बल्कि एक उद्योगपति है।

मसूद अजहर हिंदुस्तान में अस्थिरता पैदा करता है। चीन को भी एक तरह से यही चाहिए, इसीलिए चीन को मसूद अजहर प्रिय होगा। अब इस प्रेम प्रकरण में भी अंतत: जीत हिंदुस्तान की हुई है और मसूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव चीन को मानना पड़ा है। ये हिंदुस्तान की कूटनीतिक जीत है। वैश्विक आतंकवादी मसूद का पाकिस्तान की भूमि पर रहना अब पाक के लिए बहुत बड़ा सिरदर्द साबित होनेवाला है। मसूद अजहर संयुक्त राष्ट्र के सदस्य रहनेवाले देशों में यात्रा नहीं कर सकता। इन देशों में उसकी चल-अचल संपत्ति जब्त की जाएगी। उसकी मुसीबत बढ़ेगी, इतना ही नहीं एक वैश्विक आतंकवादी को पाक की जमीन पर पाला-पोसा जा रहा है, इसलिए पाकिस्तान को अभियुक्त के पिंजरे में खड़ा होना पड़ेगा।

पाक समर्थित आतंकवाद का समर्थन आखिरकार चीन नहीं कर पाया। चीन की दीवार टूट गई। यह  के कारण ही संभव हुआ है और दीवार तोड़ने का श्रेय वे लेते हैं तो कांग्रेस के पेट में दर्द नहीं होना चाहिए। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तो कमाल कर दिया है। मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की ‘टाइमिंग’ सही है क्या? इस तरह की आशंका उन्होंने जताई है। यहां टाइमिंग का सवाल आता ही कहां है? देश में चुनाव चल रहे हैं और इन घटनाओं का लाभ मोदी को मिलेगा, ऐसा भय उन्हें लग रहा होगा। अब यही ‘टाइमिंग’ क्यों? ये सवाल कमलनाथ को संयुक्त राष्ट्र में जाकर पूछना चाहिए। आतंकवादियों से लड़ते समय भावना और टाइमिंग का विचार नहीं करना चाहिए। मैदान तथा कागज पर सीधे हमला करना होता है। मोदी ने पहले बालाकोट पर एयरस्ट्राइक किया और अब संयुक्त राष्ट्र द्वारा मसूद की घेराबंदी की है।

इस पर कश्मीर के अलगाववादियों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। यह माना लेकिन महान परंपरावाली कांग्रेस सिसकने लगे तो इसका हम क्या अर्थ लगाएं? दाऊद, हाफिज और मसूद हमारे देश के अपराधी हैं। उनकी घेराबंदी हुई है। उन्हें घसीटते हुए लाया जाएगा ही|प्रधानमंत्री मोदी ने घोषित किया है ‘अभी तो शुरुआत है, आगे-आगे देखिए होता है क्या?’ मोदी क्या करते हैं इसे देखना होगा। मोदी देश को मिले एक जबूत नेतृत्व हैं, ऐसा लोगों को इसी के कारण लगता है। मसूद मामले में मोदी ने पाकिस्तान के दांत उसके हलक में डाल दिए हैं! कमाल हो गया…


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