सारंग तोप बजायेगी पाक की सारंगी

 

POK में बैठे आतंकी अगर ये सोचते है कि पाकिस्तान में वो हिफाजत से है, तो अब ये उनकी सबसे बड़ी भूल होगी, क्योकि अब भारत घर बैठे ही इन इंसानियत के दुश्मनों को अपना शिकार बना सकती है और इसके लिये देश की सेना को दुश्मन की सीमा भी नहीं पार करनी पड़ेगी। आने वाले दिनो में भारतीय सेना के पास होगी सारंग तोप जो दुश्मन पर वॉर करने में माहिर है। चलिये जानते है कि इस तोप की क्या खासियत है?

सारंग तोप जो दुश्मनों के उड़ा दे होश

भगवान विष्णु् के धनुष सारंग के नाम पर इस तोप का नाम रखा गया है, 155 MM की सारंग तोप 39 KM तक निशाने में आचूक मार करती है। इसके साथ साथ ये तोप 1 घंटे तक लगातार गोले भी दाग सकती है। तोप को सेना में शामिल करने से पहले 0 डिग्री से 45 डिग्री तक के तापमान के मौसम में परखा गया है। इसके लिये सिक्किम की बेहतर ऊंचाई वाली पहाड़ियों से लेकर जैसलमेर में भी इसका परीक्षण किया गया है। सारंग को इजराइल की सॉल्टम गन से भी ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है। 2022 तक तीन सौ सारंग तोप का निर्माण कर सेना को दिया जाना है। सारंग तोप पूरी तरह से स्‍वदेशी है। एक तोप को बनाने में करीब 70 लाख रुपये का खर्च आता है। बता दें कि एक नई फील्‍ड आर्टिलरी गन का दाम करीब 3.5 करोड़ रुपये है। इस तरह से सारंग घातक के साथ ही साथ सस्‍ती भी है।

Sharang_Canon

गोले में 8 किलो टीएनटी का इस्‍तेमाल

सेना के जानकारो की माने तो एम-46 के गोले में जहां 3.4 किलोग्राम टीएनटी का इस्‍तेमाल किया जाता था, वहीं अब सारंग के गोले में 8 किलो टीएनटी का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। ज्‍यादा टीएनटी मतलब ज्‍यादा तबाही। सारंग तोप का वजन करीब 8.4 टन है और उसके बैरल की लंबाई करीब 7 मीटर है। यह गन भी अब सेमी ऑटोमेटिक हो गई है।

साकार होगा POK का सपना!

शारंग, K9 वज्र-टी, धनुष और अमेरिका निर्मित M-777 तोपों के भारतीय सेना में शामिल होने के साथ ही अब भारत दुश्‍मन के 40 से 50 किमी अंदर तक गोले बरसाने में सक्षम हो गया है। इन तोपों को ऐसे समय पर सेना में शामिल किया गया है, जब सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने कहा है, कि अगर सरकार अनुमति देगी, तो भारतीय सेना पीओके पर हमला करने के लिए तैयार है। जानकारो की माने तो ये अस्त्र POK  पर कब्‍जा करने में बेहद अहम भूमिका निभा सकते हैं। इतनी मारक क्षमता की तोपें अभी पाकिस्‍तान के भी नहीं हैं।

मतलब साफ है कि पाकिस्तान या तो अपनी हरकतो को छोड़कर एक अच्छे पड़ोसी की तरह बरताव करे वरना मोदी सरकार में भारत बदल चुका है और जवाब देने में पीछे नही रहता है। साथ ही साथ कहा जाता है कि शक्ति का संतुलन अगर ठीक रहता है तो फिर सीमाओं पर तनाव कम होता है ऐसे में चीन भी यही जानता है कि भारत की बड़ती ताकत के चलते अब जो भी मुद्दे है उसे आपसी बातचीत से ही सुलझाया जाये तो अच्छा होगा।