आत्मनिर्भर भारत आज दुनिया को मदद देने में भी आगे रह रहा है

कभी अनाज लेने वाला भारत आज अनाज दूसरे मुल्क को दे रहा है तो कभी दूसरे देश से कर्ज लेने वाला भारत दूसरे मुल्कों को कर्ज दे रहा है।  ये बताने के लिए बहुत कुछ बता रहा है कि आज भारत पहले जैसा भारत नही है। वो दुनिया में एक शक्ति शाली देश के तौर पर उभर रहा है जिसका लोहा विश्व भी मान रहा है।

आफगानिस्तान को भेजा जायेगा 50 हजार मीट्रिक टन गेंहू

अनाज के संकट से जूझ रहे अफगानिस्तान को भारत ने 50 हजार मीट्रिक टन गेंहू देने का ऐलान किया है जिसकी पहली खेप भारत ने अफगानिस्तान के लिए रवाना कर दी है जो 41 ट्रक के जरिये भेजा गया है। वैसे अफगानिस्तान के लोगों तक ये अनाज न पहुंचे इसके लिये पाकिस्तान ने कई बार रोड़े अटकाये लेकिन भारत की साफ नीयत थी जिसके चलते आखिरकार पाक को झुकना पड़ा और अटारी के रास्ते ये गेंहू अफगानिस्तान तक जा पाया है। वैसे इसके पहले भारत ने अफगानिस्तान को 2 टन दवाई और कपड़े भेजे थे जो ये बताता है कि भारत कैसे अपने पड़ोसियों का ध्यान रखता है।

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श्रीलंका और फिलीपिंस को दिया आर्थिक मदद

ऐसा नहीं कि भारत केवल अपने पड़ोसी देशों की मदद खाद्ध प्रदार्थों को देकर कर रहा है बल्कि वो कुछ देशों को आर्थिक तौर पर भी मदद कर रहा है। इस क्रम में सबसे पहला नाम श्रीलंका का आता है जो चीन के चाल में फंसकर पूरी तरह से कंगाल हो गया है लेकिन अब भारत ने उसकी मदद को आगे आय़ा है जिसके चलते भारत ने अभी तक करीब 50 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद करी है। ठीक इसी तरह मालदीव को 90.69 अरब का कर्ज देने जा रहा है जिससे ये देश आर्थिक तौर पर खुद मजबूत हो सके और कोई दूसरा देश उनका फायदा ना उठा ले।

नये भारत का इस तरह आत्मनिर्भर होना ये बता रहा है कि भारत बदल चुका है और वो पहले वाला भारत नही जो दूसरों से मांगने के लिए आगे रहता था। अब भारत आत्मनिर्भर होकर दुनिया को एक नया रूप दे रहा है और इसी नये भारत का लोहा आज दुनिया मान रही है।