देखिये मोदी राज में कैसे बदल रही है भारतीय रेलवे स्टेशन की तस्वीर

यकीनन, रेल हमारी लाइफलाइन है। इस बात में कोई संदेह नहीं है, कि बिना रेल हमारी ज़िंदगी अधूरी है। मोदी सरकार जब से आई है इसी रेलवे के कायाकल्प में लगी हुई है। भारतीय रेल अपने यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं और आरामदायक यात्रा प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए देश भर में रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास और कायाकल्प का काम तेजी से चल रहा है।

सुरक्षा

भारतीय रेलवे के लिए 2019 ऐतिहासिक साबित हुआ और उसे एक नया कीर्तिमान अपने नाम दर्ज कराने में सफलता मिली। दरअसल, रेल दुर्घटनाओं में 2019 में किसी भी यात्री की जान नहीं गई, और इस उपलब्धि के लिए 2019 रेलवे के इतिहास में सर्वाधिक सुरक्षित वर्ष के रूप में दर्ज हो गया।

रेलवे की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारतीय रेलवे के 166 साल के लंबे इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि वित्त वर्ष 2019-20 में अभी तक ट्रेन दुर्घटना में किसी भी यात्री की जान नहीं गई। भारतीय रेलवे ने कहा कि रेलवे की ओर से सेफ्टी को लेकर कई कदम उठाए गए, जिसका नतीजा यह रहा कि 2019 में रेल दुर्घटनाओं में किसी भी यात्री को जान से हाथ नहीं धोना पड़ा। रेलवे ने जो कदम उठाए हैं, उनमें रखरखाव के लिए मेगा ब्लॉक्स और आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल होना, ICF कोचेज का LHB कोचेज से रिप्लेसमेंट, मानव रहित सभी क्रॉसिंग को समाप्त करना शामिल है।

ग्रीन रेलवे बनाने की पहल शुरू

केंद्र सरकार देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और मोदी सरकार के आने के बाद लगातार इस पर काम किया जा रहा है। सौर ऊर्जा पर्यावरण के अनुकूल है और इसलिए अब भारतीय रेलवे इसका अधिक से अधिक इस्तेमाल का प्रयास कर रहा है। रेलवे ने लक्ष्य रखा है कि भारतीय रेलवे को दुनिया का पहला ग्रीन रेलवे बनाया जाए। इसके लिए वर्ष 2030 तक का लक्ष्य तय किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए बजट 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि रेलवे पूरे देश में रेलवे पटरियों के साथ रेलवे की जमीनों पर बड़े पैमाने पर सोलर प्लांट लगाएगी, जिससे बिजली का उत्पादन किया जाएगा।

भारतीय रेलवे की अनोखे पहल

वहीं भारतीय रेल कुछ अनोखी पहल भी कर रही है, जिसकी सरहाना भी की जा रही है। हाल ही में भारतीय रेल ने बेकार पड़े व इस्तेमाल ना किए जाने वाले ट्रेन के कोचो का इस्तेमाल बड़े ही रच्नात्मक रुप में किया है जिनका इस्तेमाल अब अन्य कार्यों के लिए किया जा रहा है। पुराने कोचेज को स्क्रैप में डालने की जगह उसे नए तरीके से तैयार किया जा रहा है। कहीं रेल डब्बे में दफ्तर बनाया जा रहा है, तो कहीं इसमें रेस्टोरेंट तैयार किया जा रहा है। इनमें से कई डिब्बों को स्कूल और कार्यालय के तौर पर भी इस्तेमाल कर रहा है। इन डिब्बों से मैसूर के एक स्कूल में सुंदर क्लास रूम बनाया गया है, वहीं बिहार के दानापुर में स्टाफ कैंटीन तथा राष्ट्रीय रेल संग्रहालय नई दिल्ली में ऑफिस बनाकर इनको बेहद रोचक ढंग से उपयोग में लाया जा रहा है।

देशभर के स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। इसके तहत सभी स्टेशनों की पुनर्विकास, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जा रहा है ।

आइयें तस्वीरों में देखिये कैसे मोदी राज में भारतीय स्टेशनो की सुन्दरता बढती जा रही है :

लोनावाला रेलवे स्टेशन

लोनावला, महाराष्ट्र के रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण से यहां स्वच्छता, सुरक्षा और साफ सफाई का स्तर बढ़ा है। यह स्टेशन अब और अधिक सुविधाजनक और यात्रियों के लिए आकर्षक बन गया है।

व्यास रेलवे स्टेशन

देश के रेलवे स्टेशनों पर सुविधाएं बढ़ाने और सौंदर्यीकरण करने का काम निरंतर जारी है। इसी क्रम मे पंजाब स्थित व्यास रेलवे स्टेशन को स्वच्छ, सुविधाजनक व सुरक्षा के साथ ही आधुनिक बनाया गया है।

झुंझुनू रेलवे स्टेशन

उत्तर पश्चिम रेलवे का झुंझुनू रेलवे स्टेशन अपनी गुलाबी छटा बिखेरते हुए, अपने भव्य स्वरूप एवं राजस्थान की संस्कृति को बयां कर रहा है। स्टेशन पर की गई सुंदर, आकर्षक चित्रकारी यात्रियों का मन मोह रही है।

गुंटकल रेलवे स्टेशन

आंध्र प्रदेश में गुंटकल रेलवे स्टेशन पर एक नज़र डालें, जिसमें एक आधुनिक और सुरुचिपूर्ण सजावट है। आरामदायक चौड़ी सड़कों के साथ साफ चौड़ी सड़कें और खुली जगह यात्रियों की यात्रा के अनुभव को बढ़ाती हैं।

मथुरा रेलवे स्टेशन

स्वच्छ, सुंदर तथा यात्री सुविधाओं को समर्पित उत्तर प्रदेश का मथुरा रेलवे स्टेशन, भारतीय रेल द्वारा अपने यात्रियों के आराम तथा सुविधाओं के लिये उठाये गये कदमों की कहानियों को बताता है।

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस

आधुनिक सुविधाओं के साथ मुंबई के सौंदर्य प्रबुद्ध स्टेशन पर एक नज़र डालें। एक सुंदर आर्ट गैलरी के साथ महाराष्ट्र की समृद्ध संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए, शिवाजी महाराज टर्मिनस स्टेशन एक अधिक सुविधाजनक और सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करता है।

सलेम रेलवे स्टेशन

एक नजर डालिए तमिलनाडु के सुंदर पुनर्निर्मित सलेम रेलवे स्टेशन पर । आधुनिक वास्तुकला और साफ-सुथरे लुक के साथ, रेलवे स्टेशन यात्रियों की सुविधा के लिए नवीनतम सुविधाओं और सुविधाओं से सुसज्जित है।

काशी रेलवे स्टेशन

खूबसूरत काशी रेलवे स्टेशन की एक झलक

अशोकनगर स्टेशन

भोपाल मंडल के बीना-गुना खंड में अशोकनगर स्टेशन के पुनर्निर्मित स्टेशन भवन की एक झलक

डिमापुर स्टेशन

नगालैंड में यह अकेला रेलवे स्टेशन है, जो लूमडिंग-डिब्रूगढ़ सेक्शन में आता है। यात्री आय के मामले में गुवाहाटी के बाद लूमडिंग डिविजन का यह दूसरा सबसे बड़ा स्टेशन है।

हजारीबाग रेलवे स्टेशन

झारखंड राज्य में पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद डिवीजन में हजारीबाग टाउन रेलवे स्टेशन की आकर्षक तस्वीर

दीन दयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन

पं दीन दयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन का आकर्षक दृश्य।

मैसूरु रेलवे स्टेशन

दक्षिण पश्चिम रेलवे के “मैसूरु” रेलवे स्टेशन के परिसर में एक आकर्षक सेल्फी स्पॉट।

अनुग्रहनारायण रोड स्टेशन

पूर्व मध्य रेलवे के मुगलसराय डिवीजन के नए पुनर्निर्मित प्लेटफॉर्म, ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड, वेटिंग हॉल, खूबसूरत पेंटिंग और अनुग्रहनारायण रोड स्टेशन की एक झलक।

छायापुरी रेलवे स्टेशन

नव विकसित छायापुरी रेलवे स्टेशन समस्त आवश्यक व आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस ! नव निर्मित स्टेशन भवन पश्चिम रेलवे के वडोदरा स्टेशन पर दबाव को कम करने, लोको रिवर्सल बंद करने तथा ट्रैक कैपेसिटी बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

मंडुआडीह स्टेशन

वाराणसी का मंडुआडीह स्टेशन विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ अपनी स्वच्छता और सौंदर्यीकरण से यात्रियों को एक नया अनुभव प्रदान कर रहा है। काशी के प्राचीन वैभव को पुनः जीवित करता यह स्टेशन देश के सबसे सुंदर स्टेशनों में से एक बनने जा रहा है।