जन जन तक नही पहुंचे सेवा तो विज्ञान और तकनीक अधूरी -मोदी

पीएम मोदी ने मंगलवार को वैश्विक समुदाय को भारत की प्रतिभा में निवेश के लिए आमंत्रित किया तो उन्होने इस बात पर भी बल दिया कि विज्ञान और तकनीक का फायदा अगर सब को न मिले तो वो अधूरी है। इस लिये सरकार किसी भी चुनौती से निपटने और अनुसंधान का वातावरण सुधारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ये बात पीएम मोदी ने इंडिया इंटरनेशनल साइंस फैस्टिबल में बोली।

भारत के पास है कई चुनौतियों का हल

इस दौरान पीएम मोदी ने साफ किया कि सरकार के प्रयास भारत को वैज्ञानिक शिक्षा के लिए सबसे विश्वसनीय केंद्र के रूप में विकसित करने पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों को अवसर प्रदान के लिए  हैकाथॉन का आयोजन करना और उसमें भाग लेना इसी प्रयास के तहत उठाया गया एक कदम है। मोदी ने इस अवसर पर वैश्विक समुदाय का भारत और भारत की प्रतिभा में निवेश करने का आह्वान किया। पीएम ने कहा, ‘‘भारत में तीव्र दिमाग वाले लोग हैं। भारत में खुलापन और निषपक्षता की संस्कृति है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सरकार किसी भी चुनौती से निपटने और अनुसंधान का वातावरण सुधारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है’’ उन्होंने कहा कि देश में जल का अभाव, प्रदूषण, मिट्टी की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा जैसी अनेक चुनौतियां हैं, जिनका आधुनिक हल विज्ञान के पास है। उन्होंने कहा कि समुंदर में जो जल, ऊर्जा और खाद्य का खजाना है, उसे तेजी से पता लगाने में भी विज्ञान की बड़ी भूमिका है।

देश के वैज्ञानिकों ने किए क्रांतिकारी कार्य

पीएम मोदी ने कोरोना काल में वैज्ञानिक द्वारा किये गये कामों की तारीफ करते हुए बोला कि ऐसे कदमों से विज्ञान समुदाय को बल मिलेगा, विज्ञान और प्रौद्योगिक से जुड़ा तंत्र बेहतर होगा। इससे विज्ञान और उद्योग जगत के बीच साझेदारी की एक नई संस्कृति तैयार होगी। प्रधानमंत्री ने कहा है कि देश के वैज्ञानिकों ने क्रांतिकारी कार्य किए हैं और देश में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की समृद्ध विरासत है लेकिन अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष में भारत की एक समृद्ध विरासत रही है और आज भारत ‘ग्लोबल हाईटेक पावर’ के विकास और क्रांति का केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी भारत में अभाव और प्रभाव के अंतर को कम करने में सेतु का काम कर रहे हैं।

आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत बनाने के लिये ये जरूरी है कि देश के वैज्ञानिक लगातार शोध करते रहे इसके लिए सरकार ने भी मदद करने का पूरा आश्वासन दिया है ऐसे में आने वाले दौर में भारत में इसकी प्रक्रिया और तेज हो इसके लिये हमारे वैज्ञानिको को काम करना होगा।