राजनीति के अपराधीकरण पर सख्त हुआ SC, आप के 61% विधायकों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले

राजनीति के अपराधीकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस आर एफ़ नरीमन और जस्टिस एस रविन्द्रभट ने चुनाव आयोग और याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद राजनीतिक पार्टियों के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को एक सख्त आदेश देते हुए राजनीति में अपराधीकरण से जुड़े मामले पर कहा कि राजनीतिक दल अपनी वेबसाइट पर प्रत्याशी का आपराधिक रिकॉर्ड बताएं और साथ ही ये भी बताएं कि चुनाव लड़ने के लिए उसने आपराध से जुड़े प्रत्याशी को टिकट क्यों दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस आदेश का पालन करने के बाद राजनीतिक दल चुनाव आयोग को भी इस बात की जानकारी दें।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इस बारे में कुछ करना ज़रूरी है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि राजनीति का अपराधीकरण रोकने के लिए कड़ा कानून बनाने के उसके आदेश पर आज तक अमल क्यों नहीं किया गया।

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में याचिकाकर्ता की यह भी मांग थी कि पार्टी यह भी बताए कि मुकदमों के लंबित रहते उस उम्मीदवार को टिकट क्यों दिया गया। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया है कि साल 2018 में खुद सुप्रीम कोर्ट ने इसका आदेश दिया था, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है।

राजनीति के अपराधीकरण पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की बड़ी बातें-

• राजनीतिक दल वेबसाइट में प्रत्याशी का आपराधिक रिकॉर्ड बताएं.

• टिकट देने की वजह बताएं.

• क्षेत्रीय/राष्ट्रीय अखबार में छापें.

• फेसबुक/ट्विटर पर डालें.

• चुनाव आयोग को जानकारी दें.

• आदेश का पालन न होने पर आयोग अपने अधिकार के मुताबिक करे कार्रवाई.

आप के 61% विधायकों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले

बता दे कि ADR के रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में निर्वाचित आम आदमी पार्टी के 62 विधायकों में से 38 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन 38 विधायकों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले हैं जिनमें बलात्कार, हत्या का प्रयास, महिलाओं पर अत्याचार आदि मामले हैं। नामांकन पत्र दाखिल करते समय प्रत्याशियों के चुनाव आयोग के समक्ष पेश किए गए हलफनामे के आधार पर दिल्ली इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) ने विश्लेषण करके यह जानकारी दी है।

गौरतलब है कि 2015 दिल्ली विधानसभा में 24 विधायक आपराधिक रिकॉर्ड वाले थे। इनमें से 23 आप के और एक भाजपा का था।

पैसे के मामले में भी आम आदमी पार्टी दिल्ली विधानसभा में सबसे अमीर पार्टी है। आम आदमी पार्टी के 62 में से 45 विधायक करोड़पति हैं। यानी इनकी घोषित संपत्ति एक करोड़ रुपए से अधिक है। आप के 62 विधायकों की औसतन संपत्ति 14.96 करोड़ रुपए हैं सबसे अधिक संपत्ति वाले तीनों विधायक आप के ही हैं और इनमें धर्मपाल लाकड़ा, (विधायक मुंडका) (कुल संपत्ति 292 करोड़ रुपए), प्रमिला टोकस, (विधायक आर के पुरम) (कुल संपत्ति 80 करोड़ रुपए) और राजकुमार, (विधायक पटेल नगर) (कुल संपत्ति 78 करोड़ रुपए) है। सबसे कम संपत्ति वाले तीनों विधायक भी आप के ही हैं और इनमें राखी बिड़ला, (विधायक मंगोलपुरी) (कुल संपत्ति 76 हजार रुपए), संजीव झा, (विधायक बुराड़ी) (कुल संपत्ति 10 लाख रुपए) और सोमदत्त (विधायक सदर बाजार) (कुल संपत्ति 11 लाख रुपए) हैं।