रेपो रेट कम होने के बाद, SBI ने सस्ता किया होम लोन

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मध्यमवर्गीय परिवार के लिए तीन बैंकों की ओर से एक बड़ा फैसला आया है| अब आम आदमी के लिए लोन लेना और उसे चुकाना दोनों असना हो जाएगा| देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने लगभग दो साल बाद अपना लोन दर घटाने जा रही है| आपको बता दें कि सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्‍टेट बैंक (एसबीआई) और इंडियन ओवरसीज बैंक ने मंगलवार को सभी अवधियों के कर्ज के लिए कोष की सीमांत लागत (एमसीएलआर) आधारित ब्‍याज दर में 0.05 प्रतिशत की कटौती करने की घोषणा की है। इसके साथ ही एसबीआई ने होम लोन की ब्‍याज दर में भी कटौती का ऐलान किया है। नई दरें 10 अप्रैल से प्रभावी होंगी। बैंकों का यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा पिछले हफ्ते अपनी द्व‍ि मासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती के बाद सामने आया है।

5 आधार अंकों की कटौती के बाद एसबीआई के एक साल के कर्ज पर एमसीएलआर दर 8.55 प्रतिशत से घटकर 8.5 प्रतिशत सालाना हो गई है। एसबीआई ने अपने होम लोन को भी किफायती बनाया है। बैंक ने 30 लाख रुपए तक के होम लोन की ब्‍याज दर में 10 आधार अंकों की कटौती की है। 30 लाख रुपए से कम के होम लोन पर अब ब्‍याज की दर 8.60 प्रतिशत से लेकर 8.90 प्रतिशत प्रति वर्ष के बीच होगी। पहले यह 8.70 प्रतिशत से लेकर 9 प्रतिशत तक था।

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एसबीआई की नई दरें 10 अप्रैल से प्रभावी होंगी| नवंबर, 2017 के बाद एसबीआई ने पहली बार ब्याज दर में कटौती की है| समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बैंक ने अपने बयान में कहा कि संशोधित कोष की सीमान्त लागत आधारित ऋण दर (एमसीएलआर) को 8.55 से घटाकर 8.50 फीसदी कर दिया गया है| एसबीआई द्वारा करीब 17 माह बाद अपनी एमसीएलआर में कटौती की गई है. इससे पहले नवंबर, 2017 में एसबीआई ने एमसीएलआर में 0.05 फीसदी की कटौती की थी|

इसी प्रकार इंडियन ओवरसीज बैंक ने एक साल के कर्ज पर कोष की सीमांत लागत (एमसीएलआर) आधारित ब्याज दर घटाकर 8.65 प्रतिशत कर दिया। दो और तीन साल के कर्ज पर एमसीएलआर क्रमश: 8.75 प्रतिशत तथा 8.85 प्रतिशत होगी। पिछले सप्ताह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने एमसीएलआर 0.05 प्रतिशत की कटौती 8.70 प्रतिशत कर दिया था। आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा में रेपो रेट कम करने के बाद से अब तक कुल तीन बैंक एसबीआई, इंडियन ओवरसीज बैंक और बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र ने एमसीएलआर में कटौती की है।

इंडियन ओवरसीज बैंक ने कहा था कि दो और तीन साल के कर्ज पर एमसीएलआर क्रमश: 8.75 और 8.85 फीसदी होगी| सोमवार को निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने भी अपने सीमान्त लागत आधारित ऋण दर (एमसीएलआर) में 0.05 से 0.10 फीसदी तक कटौती की थी| साल 2019 में रिजर्व बैंक ब्याज दरों में दो बार कटौती कर चुका है| लोकसभा चुनाव से पहले यह वित्त वर्ष 2019-20 की पहली समीक्षा बैठक थी| रिजर्व बैंक एक वित्त वर्ष में छह बार अप्रैल, जून, अगस्त, अक्टूबर, दिसंबर और फरवरी में अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा करता है| हालांकि अप्रैल की समीक्षा का सबको इंतजार रहता है, क्योंकि इससे ही पूरे वित्त वर्ष का एक तरह का रुख तय हो जाता है|