केरल के दीपक की अनूठी पहल: 100 किमी पैदल चला, जो प्लास्टिक कचरा मिला खुद पर टांग लिया

Salute to Kerala's Deepak's unique sanitation initiative

भारत देश में लगातार स्वच्छता के प्रति लोगो को जागरुक करने व देश को एक स्वच्छ देश बनाने के लिए भारत सरकार के साथ देश के नागरिक भी अलग-अलग मुहिम के साथ इस अभियान में आगे बढ़ रहे है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किये गए मुहीम “से नो टू प्लास्टिक” के तहत प्लास्टिक इस्तेमाल न करने की बात कही थी। बस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर केरल के दीपक भी अपने ही अंदाज में इस मिशन की शुरुआत कर चुके है।

प्लास्टिक के उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए, केरल के दीपक वर्मा ने 24 घंटे में 100Km पैदल यात्रा की। पलक्कड़ जिले के दीपक ने 24 घंटे में 100 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा के दौरान अपने हाथ में एक तख्ती लिए हुए थे, जिसमें लिखा था, “सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा न फेंके”। लेकिन यह सिर्फ बोर्ड नहीं था जिसने जनता का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने प्लास्टिक के अपशिष्ट पदार्थों से बनी एक पूरी लंबाई की रस्सी पहनी थी, जो अक्सर सड़कों पर फेके हुए पाए जाते हैं: चिप्स पैकेट, शैम्पू की बोतलें और प्लास्टिक के कंटेनर, अन्य प्लास्टिक सामान।

2 अक्टूबर को दीपक ने पलक्कड़ से एर्नाकुलम जिले के लिए पैदल यात्रा पूरी की, जिसमें 35 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा उनके शरीर से बंधा हुआ था। उन्होंने विक्टोरिया कॉलेज पालक्काड से 1 अक्टूबर सुबह 8 बजे दो स्वयंसेवकों के साथ चलना शुरू किया और 24 घंटे के भीतर एर्नाकुलम दरबार हॉल के मैदान में अपनी पैदल यात्रा समाप्त किया । दीपक ने अपने मिशन को पूरा करने के बाद बताया की, “वॉक का उद्देश जनता के बीच जागरुकता पैदा करना था ताकि लोग सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक कचरा से गन्दगी न फैलाये।”

उन्होंने कहा कि उनके अभियान का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को कम करने, पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण के प्रयासों पर जागरूकता प्रदान करना था। अपने मिशन के दौरान उन्होंने प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के बारे में भी लोगों से बात की।

Deepak's unique sanitation initiative

जिस तरह से जनता कचरे को फैला रही थी, उससे दीपक वर्मा निराश थे। बाद में उन्होंने खुद एक मिशन , ’24 –आवर क्लीन इंडिया ‘अभियान शुरू किया। प्रारंभ में, वह पलक्कड़ में किसी विशेष सड़क या क्षेत्र का चयन करके 24 घंटे के भीतर खुद लगातार क्षेत्र की सफाई करते थे। 24 घंटे का उनका पदयात्रा, जिसे उन्होंने बुधवार को पूरा किया, ये उनका चौथा सफल मिशन था। दीपक ने अपना पहला 24 घंटे का अभियान 2018 फरवरी में किया था, जहां उन्होंने 4,000 किलोग्राम कचरे का संग्रह किया था ।

दीपक ने बताया, हम केरल के जिलों में एक नेटवर्क बनाने की कोशिश में हैं। क्योंकि बहुत सारे अभियानों को लोगों का बेहतर सपोर्ट नहीं मिल पाता है।

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