मोदी सरकार के कार्यकाल में, खादी की खरीददारी में भारी उछाल

• मोदी सरकार के शुरूआती 4 सालो में खादी की बिक्री पिछले 10 सालो में 6.7% की तुलना में 30% की वार्षिक औसत से बढ़ी

• खादी के बिक्री का इस वित्त वर्ष में 3,200 करोड़ रुपये के उच्च स्तर को छूने का अनुमान

Modi_charkha

खुद आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे है की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के आने के बाद से खादी उद्योग के प्रगति में भारी इजाफा देखा गया है| गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 3 अक्टूबर 2014 को रेडियो पर प्रसारित होने वाले अपने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से खादी का उपयोग करने का आह्वान किया था। इसके साथ ही उन्होंने ‘खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन’ नामक नारा भी दिया था।

उल्लेखनीय है कि खादी पहले अमूमन सियासत से जुड़े लोग, खासकर नेता पहना करते थे लेकिन समय बदलने के साथ ट्रेंड भी बदला और आजकल आम उपभोक्ता भी प्राकृतिक उत्पादों को ही प्राथमिकता दे रहे हैं, नतीजतन इस उद्योग में बड़ी पैमाने पर बदलाव देखने को मिला है। बीतें कुछ सालो से खादी उत्पादों की बिक्री में जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है।

मोदी सरकार के शुरूआती 4 सालो में ही खादी की बिक्री पिछले 10 वर्षों में 6.7% की तुलना में 30% की वार्षिक औसत से बढ़ा है। इस संदर्भ में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अनुसार 2013-14 में केवल 1,081 करोड़ रुपये से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रतीक खादी की बिक्री का इस वित्त वर्ष में 3,200 करोड़ रुपये के उच्च स्तर को छूने का अनुमान है। जो खादी के प्रति लोगो के झुकाव को दर्शाता है|

Khadi_Fashion

प्रधानमंत्री मोदी ने खुद के स्तर पर भी खादी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हर मुमकिन कोशिश है| इसके साथ ही उनके पहनावे का अंदाज भी हमेशा ही चर्चा का विषय बना रहा है, फिर चाहे उनका कुर्ता हो या फिर जैकेट। नतीजतन युवाओं में ‘मोदी जैकेट और कुर्ता’ को लेकर ट्रेंड बनता जा रहा है। लिहाजा मोदी स्टाइल का खादी ‘कुर्ता-जैकेट’ युवाओं के फैशन का एक अहम हिस्सा बनता जा रहा है

बहरहाल, प्रधानमंत्री मोदी भी अधिकतर खादी से बने परिधानों का ही उपयोग करते है| यह खादी के प्रति उनके सोंच को ही दर्शाता है की सत्ता में आने के बाद से ही पीएम मोदी ने खादी के प्रति लोगों का लगाव बढ़ाने के लिए हर मंच से अपील की है। चाहे वो मन की बात हो या फिर लाल किले से भाषण, हर जगह से प्रधानमंत्री ने देशवासियों से खादी से बने वस्त्रों और दूसरे उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया है। इन्ही चीजो का असर है की खादी के खरीददारी में बीतें सालो में एक अभूतपूर्व बदलाव दर्ज किया गया है|

Khadi_Industry

इन चीजो से हटके प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिया गया ‘खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन’ नारे ने भी लोगो के दिलों तक पहुँच बनाया| और उन्हें खादी के कपड़ो का उपयोग करने के लिए उत्सुक बनाया| इसके बाद खादी फॉर ट्रांसफॉर्मेशन के नारे द्वारा इसे नया स्वरूप दिया गया| जिसने ग्रामीण इकाइयों के उत्थान की दिशा में अहम् किरदार निभाया|

दरअसल सरकार को इस बात का बखूबी अंदाजा था की अगर ग्रामीण क्षेत्रो में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है तो इसमें खादी उद्योग एक अहम् भूमिका निभा सकता है लिहाजा छोटे उद्योग इकाइयों को अनेक योजनाओं की सहायता से हर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए गए, इकाई आरंभ करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया। जिससे लोगो को छोटे उद्योग इकाइयों को स्थापित करने में किसी तरह के परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा| असल में सरकार के सारे कवायदों का मकसद खादी उद्योग को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है|