वैक्सीन की कमी की अफवाह के बीच रूसी स्पुतनिक वी वैक्सीन को मिली मंजूरी

कुछ दिनो से देश में कोरोना वैक्सीन को लेकर सियासत तेजी के साथ चल रही है। कुछ लोग सरकार को बदनाम करने में वैक्सीन की कमी का रोना रोने लगे है जबकि ऑकड़ो पर नजर डाले तो ऐसा कुछ नही है कि देश में कोरोना वैक्सीन की कमी हो गई है।

टीका उत्सव के जरिये तेजी से लग रहे टीका

जो लोग वैक्सीन की कमी का रोना रो रहे है उनके लिये ये ऑकड़े बहुत जरूरी है। टीका उत्सव के चलते रविवार यानी 11 अप्रैल को जहां 27 लाख से ज्यादा लोगो को टीका लगाया गया तो दूसरी तरफ दूसरे दिन इसकी संख्या बढ़कर 40 लाख हो गई है जो ये बताता है कि देश में वैक्सीन की कमी नही है। हां ये जरूर है कि कुछ जगह पर वैक्सीन खराब न हो इसे ध्यान में रखकर वैक्सीन पहुंचाई जा रही है जिससे वैक्सीन की बर्बादी पर लगाम लग सके। लेकिन कुछ लोगों ने सिर्फ अपनी सियासत चमकाने के लिये हल्ला मचाना शुरू कर दिया कि देश में वैक्सीन की कभी हो गई है। जबकि ये महज एक कोरी अफवाह ही है। ऐसे जनता इस अपवाह के मायाजाल में न फसे बल्कि कोरोना को हराने के लिये सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए कोरोना की वैक्सीन जरूर लगवाये।

1.85L Covid vaccine doses reach Varanasi, 64k vials reach Kanpur |  Hindustan Times

रूसी स्पुतनिक वी वैक्सीन को भारत में मंजूरी

उधर सरकार ने आपातकालीन स्थिति को ध्यान में रखते हुए रूसी वैक्सीन को देश में मंजूरी दे दी है जिससे जो थोड़ी बहुत कमी देखी जा रही है उसे पूरा किया जा सके। यहां ये बताने वाली बात है कि भारत से पहले 59 देश रूस की इस वैक्सीन को मंजूरी दे चुके हैं और इन देशों में ये वैक्सीन लोगों को लगाई जा रही है। सबसे बड़ी बात ये है कि इस वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स लोगों पर काफी कम दिखे हैं और ये ज्यादा प्रभावी भी है। जानकारो की माने तो स्पुतनिक वी 90 फीसदी कारगर साबित होती है तो भारत की वैक्सीन करीब 81 फीसदी तक कारगर साबित हो रही है। इसके साथ सरकार की माने तो ये वैक्सीन आने के बाद भारत में वैक्सीन लगाने की रफ्तार और तेज हो जायेगी। वैसे भारत की वैक्सीन लगाने की स्पीड की बात करे तो वो दूसरे देशो से बेहतर है। देश में अब तक कोरोना की 10 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं। दूसरे देशों के मुकाबले भारत को ऐसा करने में सिर्फ 85 दिन लगे। इतने वक्त में अमरीका ने 9.2 करोड़ और चीन में 6.14 करोड़ टीके लगे थे। जो ये बता रहा है कि भारत कोरोना वैक्सीन को लेकर कितना संवेदनशील है।

इन सब के बीच देश की जनता को कोरोना को हराने के लिए आगे आना होगा और एक बार फिर से कोरोना से बचाव के लियये बने नियम को मानना पड़ेगा यानी की समाजिक दूरी मास्क लगाना हो या फिर बिना मतलब बाहर नही जाता हो इन बातो का याद रखना होगा क्योकि इससे ही देस में कोरोना को हराया जा सकता है।