स्वच्छ भारत मिशन से देश के ग्रामीण लोगों को हुआ आर्थिक फायदा

आजादी के के बाद महात्मा गांधी के सपने को सकार करने की बात तो कई बार लीडरों से सुना है। लेकिन गांधी की सोच को अगर किसी ने जिया है तो वो है पीएम मोदी जिन्होने स्वच्छ भारत के गांधी जी के सपने को आज साकार कर के दिखा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन पर पूरी दुनिया की निगाहें रही हैं। स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत अक्टूबर 2014 में हुई थी। इस मिशन पर सरकार ने कितना धन खर्च किया और लोगों तक उसका फायदा कितना पहुंचा, इसे लेकर एक अंतर्राष्ट्रीय शोध सामने आया है। इस शोध के तहत स्वच्छ भारत मिशन में आई लागत, स्वच्छता मानक में बदलाव और मिशन के तीन सालों में आए आर्थिक और सामाजिक बदलाव पर प्रकाश डाला गया है।

हर ग्रामीण परिवार को 53 हजार का फायदा

भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान से ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक भारतीय परिवार को सालाना 53 हजार रुपये तक का फायदा हुआ। इसके चलते डायरिया से बीमार पड़ने की घटनाएं कम हुईं और शौच के लिए घर से बाहर जाने में लगने वाले समय की बचत हुई। ये तथ्य एक अंतरराष्ट्रीय शोध में सामने आए हैं।इस अभियान को लेकर पहली बार इस तरह का आर्थिक विश्लेषण अक्टूबर 2020 के साइंस डायरेक्ट जर्नल में प्रकाशित हुआ है। बताया है कि इसमें गरीब लोगों को निवेश का 2.6 गुना फायदा हुआ है जबकि समाज को 5.7 गुनी धनराशि का। इस सर्वे में 12 प्रदेशों के 10,051 ग्रामीण परिवारों को शामिल किया गया। यह सर्वे बीती 20 जुलाई से 11 अगस्त, 2017 के बीच हुआ। जिन राज्यों में यह सर्वे हुआ, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश और असम शामिल हैं। खुले में शौच करने वाले लोगों में 90 प्रतिशत इन्हीं राज्यों के रहने वाले थे।

सरकारी खर्च से ज्यादा फायदा मिल रहा है

शोध के मुताबिक सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन पर जितने पैसे खर्च किए हैं, वो काफी फायदे का सौदा साबित हुआ है। मौजूदा समय में पहले की तुलना में कई गुना अधिक ओडीएफ को फायदा पहुंचा है यानि लोगों का खुले में शौच जाना बहुत कम हो गया है और स्वच्छता से संबंधित सुविधाओं में काफी विस्तार हुआ है। इस शोध में एक बात पर जोर दिया गया है कि सरकार को अब सिर्फ शौचालय निर्माण पर ही जोर नहीं देना है, बल्कि इस बात पर जोर देना है कि इस मिशन के तहत जो लक्ष्य तय किए गए थे, उन्हें बरकरार रखा जाए यानि कि जो शौचालय बने हैं, उनका रखरखाव बेहतर तरीके से हो कहीं ऐसा न हो कि लोग कुछ समय बाद स्वच्छता अभियान से मुंह मोड़ लें। इसके लिये भी ठोस कदम उठाये गये है। जिसके चलते ही आज ये योजना एक अलग मुकाम हासिल कर रहा है और इसके अच्छे परिणाम आ रहे है।

देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की एक सोच स्वच्छ भारत को पीएम मोदी ने न केवल समझा बल्कि इसे सकार भी किया जिसका असर ये हो रहा है कि आज देश खुले में शौचमुक्त हो गया है तो साफ सफाई को लेकर लोग सजग भी हो रहे है।