जवानों की शहादत का बदला, भारतीय सेना ने बोफोर्स तोप से Pok के आतंकी ठिकानों पर किया हमला

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Indian army attacked terrorist bases of Pok

भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर तंगधार सेक्टर में अपने दो सैनिकों की शहादत और एक नागरिक की मौत का बदला चंद घंटों में लेते हुए पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाया है। भारत ने इस कार्रवाई में अपनी आर्टिलरी और मल्टी बैरल राकेट लांचर पिनाका के साथ बोफोर्स तोप का भी इस्तेमाल किया।

रविवार को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की नीलम घाटी में चार आतंकी शिविरों और पाक सेना के कई ठिकानों को तोपों से निशाना बनाया जिसमें उनके छह से 10 सैनिक और इतनी ही संख्या में आतंकवादी मारे गए।

Bipin_Rawat

थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के अनुसार एक दिन पहले शनिवार शाम पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा के पास जम्मू कश्मीर के तंगधार सेक्टर में आतंकवादियों की घुसपैठ में मदद के लिए अकारण गोलीबारी की थी। इस घटना में भारत के दो सैनिक शहीद हो गए थे। गोलीबारी में एक आम नागरिक की भी मौत हो गयी जबकि तीन अन्य घायल हो गए। शहीद जवानों की पहचान हवालदार पदम बहादुर श्रेष्ठ और राइफलमैन गामिल कुमार श्रेष्ठा के रूप में हुई है। इस गोलाबारी में एक नागरिक मोहम्मद सादिक की भी मौत हुई थी। गोलीबारी के जवाब में तंगधार सेक्टर के दूसरी तरफ नीलम घाटी में चार आतंकवादी शिविर भारतीय सेना की गोलीबारी में पूरी तरह से नष्ट हो गए। उस समय प्रत्येक ठिकाने में 10-15 आतंकवादी मौजूद थे। भारतीय सेना की इस कार्रवाई को फरवरी में बालाकोट हमले के बाद सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया जा रहा है।

सरकारी सूत्रों ने कहा कि भारत की कार्रवाई के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख जनरल रावत से बात की और वह नियंत्रण रेखा के हालात पर नजर रखे हुए हैं। जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट है। सेना, सीमा सुरक्षाबल किसी भी प्रकार का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

भारतीय सेना ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तानी सेना ने कल शाम तंगधार सेक्टर के भारतीय क्षेत्र में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए अकारण संघर्षविराम का उल्लंघन शुरू कर दिया।

इसमें कहा गया है कि भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में आतंकवादियों के शिविरों और इन शिविरों को सुरक्षा प्रदान करने वाली अनेक पाकिस्तानी चौकियों तथा कुछ शस्त्र स्थलों को निशाना बनाया गया।

बयान के अनुसार अगर पाकिस्तानी सेना सीमा पार से आतंकी गतिविधियों को मदद देना जारी रखता है तो भारतीय सेना को अपने हिसाब के समय और जगह पर जवाब देने का अधिकार है।

जनरल रावत ने कहा, “विशेष प्रावधानों (जम्मू कश्मीर के) को रद्द किये जाने के बाद से, हमें सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ के बारे में बार-बार जानकारी मिल रही थी।”

 


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